Munshi Premchand Jayanti: मैनाटांड़ प्रखंड के दिउलिया गांव स्थित सुरेश भगत प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई. कार्यक्रम की सबसे खास प्रस्तुति छात्रों का रोल प्ले रहा, जिसमें उन्होंने प्रेमचंद की कहानियों के पात्रों को मंच पर जीवंत कर दिया.
कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने शिक्षकों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया.
साहित्य को समाज से जोड़ने वाले लेखक थे प्रेमचंद
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामबाबू प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने हिंदी साहित्य को यथार्थ के धरातल पर स्थापित किया.
उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में गरीब, किसान, मजदूर, दलित और शोषित वर्ग के संघर्ष और पीड़ा को प्रमुखता दी. उनका साहित्य आज भी समाज को नई दिशा देने का काम करता है.
सामाजिक कुरीतियों पर किया था प्रहार
विद्यालय के निदेशक एवं सुदामा वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रेमचंद, जिनका वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, ने अपनी लेखनी के माध्यम से दहेज प्रथा, बाल विवाह, अनमेल विवाह, छुआछूत और वेश्यावृत्ति जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी आवाज उठाई.
उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को जागरूक करने की प्रेरणा देता है.
रोल प्ले से बढ़ता है आत्मविश्वास
उप-प्रधानाध्यापक परमेश्वर कुमार ने कहा कि रोल प्ले जैसी गतिविधियां बच्चों में भाषा कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का विकास करती हैं.
उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से शिक्षण प्रक्रिया अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बनती है तथा विद्यार्थी सीखने में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं.
पूरे विद्यालय में रहा उत्साह का माहौल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा. आयोजन को सफल बनाने में बलिराम कुमार, नरेश यादव, सुरेश कुमार, प्रकाश कुमार, मंजय कुमार और लड्डू कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
इस अवसर पर विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और प्रेमचंद की साहित्यिक विरासत को याद करते हुए कार्यक्रम का हिस्सा बने.
