Bettiah News: जिला प्रशासन द्वारा 85 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किए जाने के विरोध में मीना बाजार छोटा रमना व्यावसायिक संघ के बैनर तले रविवार को व्यवसायियों ने धरना-प्रदर्शन किया. आंदोलन के दौरान व्यापारियों ने सोमवार से मीना बाजार और छोटा रमना बाजार की सभी दुकानों को अनिश्चितकालीन बंद रखने की घोषणा की.
व्यवसायियों का कहना है कि जब तक प्रशासन नोटिस वापस लेकर वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकालता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
3 हजार से अधिक दुकानों पर असर पड़ने का दावा
संघ के संरक्षक पारस लाल विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष धर्मेश गुप्ता और सचिव रिंकू कनौजिया ने कहा कि मीना बाजार में 3 हजार से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें संचालित होती हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी है.
उन्होंने कहा कि संबंधित दुकानदार कई दशकों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और वर्ष 1961 से नियमित सरकारी लगान जमा करते आ रहे हैं.
हाईकोर्ट के स्टेटस-को का भी किया जिक्र
व्यवसायियों का दावा है कि बिहार खास महल बंदोबस्ती अधिनियम, 1953 के तहत दुकानों की बंदोबस्ती हुई थी. उनका यह भी कहना है कि हाईकोर्ट के स्टेटस-को आदेश और आवश्यक दस्तावेज होने के बावजूद प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है.
धरना में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए और नोटिस वापस लेने की मांग की.
प्रशासन का पक्ष क्या है?
प्रशासन के अनुसार, पथरी घाट से बरवत सेना तक सड़क चौड़ीकरण, नाला निर्माण और यातायात सुधार परियोजना के तहत मीना बाजार क्षेत्र में करीब 15 फीट अतिक्रमण हटाना आवश्यक है.
प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ी होने से शहर में जाम की समस्या कम होगी और जलनिकासी व्यवस्था भी बेहतर होगी.
अब वार्ता पर टिकी निगाहें
फिलहाल प्रशासन और व्यवसायियों के बीच सहमति नहीं बन सकी है. व्यवसायियों ने बाजार बंद रखने का ऐलान किया है, जबकि प्रशासन सड़क चौड़ीकरण परियोजना को आवश्यक बता रहा है.
अब दोनों पक्षों के बीच संभावित वार्ता और उसके नतीजे पर सभी की नजरें टिकी हैं.
