पत्रकार सुरक्षित नहीं तो जनता कैसे सुरक्षित रहेगी? सहरसा की घटना पर मनीष कश्यप का फूटा गुस्सा, बोले- एसके आजाद को बर्खास्त करो

सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर के पत्रकार के साथ मारपीट की घटना ने बिहार में पत्रकारों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. घटना पर मनीष कश्यप का गुस्सा फूटा है. उन्होंने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों को एकजुट होकर सहरसा पहुंचना होगा. आखिर किसे दी गई यह खुली चेतावनी और अब क्या होने वाला है?

Saharsa Journalist Assault Case: सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर के पत्रकार के साथ मारपीट की घटना को लेकर मनीष कश्यप ने कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने वीडियो जारी कर डॉक्टर एसके आजाद समेत घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. मनीष कश्यप ने सवाल उठाया कि पत्रकार के साथ अस्पताल में मारपीट और बदसलूकी के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे अस्पताल में भीड़ के बीच प्रभात खबर के पत्रकार के साथ कई लोगों ने मारपीट की. उनके अनुसार, घटना के दौरान मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे. मनीष कश्यप ने कहा कि जब किसी आम व्यक्ति के साथ अन्याय होता है, तो पत्रकार उसकी आवाज बनता है, लेकिन जब पत्रकार के साथ घटना होती है तो लोगों की चुप्पी चिंताजनक है.

‘एसके आजाद को अब जवाब देना होगा’

मनीष कश्यप ने वीडियो में डॉक्टर एसके आजाद को लेकर बेहद तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि वीडियो में घटना स्पष्ट दिख रही है, तो फिर जांच के नाम पर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है. उन्होंने एसके आजाद की बर्खास्तगी और प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान कथित तौर पर पत्रकार को धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया. मनीष कश्यप ने कहा कि पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों को यह समझना होगा कि पत्रकार की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

‘24 घंटे का समय दीजिए, फिर सहरसा चलिए’

मनीष कश्यप ने बिहार के पत्रकारों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि सिस्टम को 24 घंटे का समय दिया जाए. इसके बाद पत्रकार सामूहिक रूप से सहरसा पहुंचकर विरोध दर्ज कराएं. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गुटों में बंटने के बजाय एकजुट होकर अपने साथी के साथ खड़ा होना चाहिए. उनका कहना था कि यदि आज एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट पर आवाज नहीं उठी, तो कल किसी दूसरे पत्रकार के साथ भी ऐसी घटना हो सकती है.

PMCH की घटना का भी किया जिक्र

मनीष कश्यप ने अपने साथ PMCH में हुई पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उनके साथ कथित तौर पर अन्याय हुआ था. उन्होंने कहा कि उस दौरान प्रभात खबर ने उनके मामले को प्रमुखता से उठाया और उनके पक्ष को सामने रखा. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में एक-दूसरे के साथ खड़ा होना जरूरी है. अगर पत्रकार ही अपने साथी की घटना पर चुप रहेंगे, तो व्यवस्था के खिलाफ आवाज कमजोर पड़ जाएगी.


अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

मनीष कश्यप ने सहरसा अस्पताल से जुड़े कुछ अन्य आरोपों और वायरल वीडियो का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि एक डॉक्टर के कमरे से शराब और सिगरेट मिलने तथा अस्पताल की कथित अव्यवस्थाओं से जुड़े सवाल सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि केवल जांच टीम गठित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वीडियो और सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने अस्पतालों में पत्रकारों की एंट्री को लेकर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि आईसीयू जैसे संवेदनशील स्थानों को छोड़कर खबरों की कवरेज के लिए पत्रकारों को जरूरी हिस्सों तक पहुंच मिलनी चाहिए.


‘पत्रकार सुरक्षित होंगे, तभी जनता सुरक्षित रहेगी’

मनीष कश्यप ने कहा कि पत्रकार अस्पताल में अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ी खबरों की कवरेज के लिए जाते हैं. उन्होंने सहरसा की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस मामले की रिपोर्टिंग के लिए प्रभात खबर के पत्रकार अस्पताल पहुंचे थे, वह सरकारी स्कूल के बच्चों के बीमार होने से जुड़ा गंभीर मामला था. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. यदि पत्रकारों के साथ इसी तरह मारपीट होती रही और कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा. वीडियो के अंत में मनीष कश्यप ने कहा कि जब तक डॉक्टर एसके आजाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वह आवाज उठाते रहेंगे. उन्होंने बिहार के पत्रकारों से सहरसा की घटना के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि ‘पत्रकार सुरक्षित रहेंगे, तभी आप लोग सुरक्षित रहेंगे.’

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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