प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने की थी पति की हत्या, पत्नी सहित चार को आजीवन कारावास, 50-50 हजार रुपए अर्थदंड

चौतरवा (बथुवरिया) थाना क्षेत्र के विशुनपुरवा गांव में पति की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है.

बगहा. चौतरवा (बथुवरिया) थाना क्षेत्र के विशुनपुरवा गांव में पति की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने पत्नी मधु देवी सहित चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है. बताते चलें कि उक्त महिला ने बगहा उपकारा में ही एक बच्चे को जन्म दिया है. यह बच्चा पति कि है या प्रेमी की चर्चा का विषय बना हुआ है. लोरिक यादव 17 जून 2022 को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे पुलिस जांच में मधु देवी की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे 8 जुलाई 2022 से न्यायिक हिरासत में जेल बंद है. लोरिक यादव 17 जून 2022 को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला दर्ज कराया गया. इसके छह दिन बाद 23 जून 2022 को लोरिक यादव का कंकाल गन्ना के खेत से बरामद हुआ. इस संबंध में चौतरवा थाना कांड संख्या 239/22 दर्ज की गई, बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी है कि मधु देवी ने जेल में बच्चे को जन्म दिया है. यदि उस बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि बच्चा पति का है या प्रेमी का, लेकिन अब तक ऐसी कोई जांच नहीं कराई गई. सूचक सह पत्नी मधु देवी ने अपने प्रेमी कृष्णा साह से मिलकर की थी पति की निर्मम हत्या इस बाबत जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती एवं मन्नू राव के बताया कि मामला विशुनपुरवा गांव निवासी लोरिक यादव की हत्या से जुड़ा है. अदालत में चली सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि लोरिक यादव की पत्नी मधु देवी ने अपने प्रेमी कृष्णा साह उर्फ कृष्णा कुमार और उसके दो सहयोगियों छोटा यादव उर्फ छोटेलाल यादव तथा रंजीत राम उर्फ रंजीत कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.साजिश के तहत लोरिक यादव को बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई. लोरिक यादव लापता पर पुलिस ने जांच शुरू की थी.शव बरामद के बाद हत्या में तब्दील हो गया. घटना के बाद लोरिक यादव के लापता होने की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की थी.जांच के दौरान शव बरामद होने के बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया.अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य,गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाण जुटाए, जिसके आधार पर सभी आरोपितों की संलिप्तता सामने आई. अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष के तर्कों को अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला विश्वासघात और सुनियोजित अपराध का है अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला विश्वासघात और सुनियोजित अपराध का है,जिसमें पत्नी ने अपने प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या कार्रवाई.ऐसे अपराध समाज में गंभीर संदेश देते हैं और इन पर कठोर दंड आवश्यक है. इसी आधार पर चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है.वहीं, इस निर्णय से इलाके में चर्चा का माहौल है और इसे एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है.

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By SATISH KUMAR

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