दस्यु वासुदेव यादव उर्फ तिवारी को उम्रकैद

पुरानी रंजिश में बदला लेने की भावना से की गयी हत्या के मामले में दस्यु सरगना वासुदेव यादव उर्फ तिवारी को आजीवन कारावास की सजा हुई है.

बगहा. पुरानी रंजिश में बदला लेने की भावना से की गयी हत्या के मामले में दस्यु सरगना वासुदेव यादव उर्फ तिवारी को आजीवन कारावास की सजा हुई है. पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है. यह सजा व्यवहार न्यायालय बगहा के एडीजे प्रथम रविरंजन ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सुनायी है.अपर लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि चौतरवा थाना कांड में एडीजे प्रथम ने दस्यु वासुदेव यादव को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. वासुदेव यादव व उसके गिरोह ने 1995 में दस्यु सरगना राधा यादव के पिता इंद्रदेव यादव का पहले हाथ काटा, उसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके बहनोई भागीरथी यादव की जांघ में भी गोली मारी थी. भागीरथी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी. बगहवा रेता गोलीकांड में रामाकांत यादव व राधा यादव गिरोह के बीच तनातनी हो गयी थी. तभी से दोनों गिरोह बदला लेने की फिराक में थे. एपीपी ने बताया कि घटना 3 जून 1995 की है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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