Bettiah News: पश्चिमी चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया स्थित जीएमसीएच की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक मां अपनी 11 वर्षीय बीमार बेटी को कंधे पर लेकर अस्पताल परिसर में भटकती नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद मां उसे इलाज के लिए जीएमसीएच लेकर पहुंची थी, लेकिन उसे ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला.
बीमार बेटी को कंधे पर लेकर अस्पताल में भटकती रही मां
वायरल वीडियो में महिला अपनी बच्ची को कंधे पर उठाकर अस्पताल परिसर में जाती दिखाई दे रही है. बताया गया कि बच्ची को तत्काल इलाज की जरूरत थी. स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण मां को खुद ही बच्ची को उठाकर डॉक्टर और इलाज की तलाश करनी पड़ी.
इस दौरान महिला मदद और जानकारी के लिए लोगों से गुहार लगाती नजर आई, लेकिन कथित तौर पर किसी ने तत्काल मदद नहीं की. इसी बीच किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
11 वर्षीय सयाना खातून की बताई जा रही पहचान
बताया जा रहा है कि बच्ची की पहचान 11 वर्षीय सयाना खातून के रूप में हुई है. वह चनपटिया थाना क्षेत्र के महना गांव निवासी नजीर अंसारी की पुत्री हैं. हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई गई पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
करोड़ों की लागत वाले अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
जीएमसीएच को पश्चिमी चंपारण का प्रमुख और बड़े स्तर का सरकारी अस्पताल माना जाता है. ऐसे में एक बीमार बच्ची को ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिलने और उसकी मां के कंधे पर उठाकर घूमने की तस्वीर ने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वायरल वीडियो के बाद मरीजों के लिए स्ट्रेचर, कर्मचारियों की उपलब्धता, सहायता व्यवस्था और अस्पताल में बेहतर समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
अस्पताल अधीक्षक ने कर्मचारियों की कमी को बताया वजह
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने वायरल वीडियो की जानकारी होने की बात कही है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है.
अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों की कमी को दूर करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा.
सिर्फ भवन नहीं, मरीजों को बुनियादी सुविधा भी जरूरी
घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बड़े अस्पताल का निर्माण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे तभी सार्थक होंगे, जब मरीजों को समय पर स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, कर्मचारी और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें.
जीएमसीएच की व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. वायरल वीडियो ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने मरीज-केंद्रित व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत को सामने रखा है.
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