बिहार और नेपाल के पहलवानों ने दिखाया दम, बगहा के पैकवलिया मिर्जादपुर में सजा कुश्ती का अखाड़ा

बगहा के पैकवलिया मिर्जादपुर गांव में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में बिहार और नेपाल के पहलवानों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया. इस रोमांचक मुकाबले ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जहाँ पारंपरिक खेल संस्कृति की झलक दिखी.

Bagaha News: बगहा. पैकवलिया मिर्जादपुर गांव में भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों के साथ नेपाल से आए पहलवानों ने भी हिस्सा लिया. कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी पहुंचे. पहलवानों के शानदार दांव-पेंच और रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया.

बिहार और नेपाल के पहलवानों ने आजमाये दांव-पेंच

कुश्ती प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे पहलवानों के साथ नेपाल के पहलवानों ने भी हिस्सा लिया. अलग-अलग मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया.

मुकाबलों के दौरान पहलवानों ने एक-दूसरे पर जोरदार दांव-पेंच आजमाये, जिसे देखने के लिए अखाड़े के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

विधायक राम सिंह और पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह रहे मौजूद

कार्यक्रम में बगहा विधायक राम सिंह और बगहा के पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे. दोनों ने प्रतियोगिता में शामिल पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के खेल आयोजन की सराहना की.

अतिथियों ने कुश्ती प्रतियोगिता को पारंपरिक खेल संस्कृति से जोड़ते हुए इसके आयोजन को महत्वपूर्ण बताया.

आयोजन समिति ने अतिथियों और पहलवानों का किया स्वागत

आयोजन समिति के अध्यक्ष हरिचंद्र यादव, उपाध्यक्ष धरिक्षन राम और रवि पासवान ने अतिथियों तथा प्रतियोगिता में शामिल पहलवानों का स्वागत किया.

कार्यक्रम का मंच संचालन चुन्नू चौबे ने किया. समिति के सदस्यों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया.

दर्शकों ने तालियों से बढ़ाया पहलवानों का उत्साह

मुकाबलों के दौरान पहलवानों के दांव-पेंच पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजायीं. ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने लगातार उत्साहवर्धन कर पहलवानों का हौसला बढ़ाया.

अखाड़े में एक के बाद एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा.

सुरक्षा और व्यवस्था पर भी रहा ध्यान

आयोजन स्थल पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन समिति की ओर से विशेष ध्यान दिया गया. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का प्रयास किया गया.

समिति के सदस्यों ने पहलवानों और दर्शकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं.

कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का हिस्सा

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कुश्ती भारतीय पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है.

उन्होंने युवाओं से खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की अपील की.

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

आयोजकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करता है. इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें बेहतर मंच देने में भी मदद मिल सकती है.

आयोजन समिति ने प्रतियोगिता में शामिल सभी पहलवानों, अतिथियों और आगंतुकों के प्रति आभार जताया.

यह भी पढ़ें: अक्टूबर में फिर गुलजार होगा वाल्मीकिनगर, जंगल सफारी शुरू होते ही उमड़ेंगे सैलानी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Israel ansari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >