GEC Bettiah: पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) में ग्रामीण और गरीब छात्र-छात्राओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगी है. विज्ञान, प्राविधिक एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विशेष कार्यक्रम “पहल” के तहत कॉलेज प्रशासन ने निःशुल्क जेईई (JEE), नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक प्रेरणादायी शैक्षणिक अभियान शुरू किया है.
कॉलेज के प्राध्यापक अब गांव-गांव और विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को तकनीकी शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रहे हैं, ताकि पैसे के अभाव में कोई भी होनहार बच्चा पीछे न रहे.
यदि आप या आपके परिचित भी इस निःशुल्क कोचिंग अभियान का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इस पहल से जुड़ी खास बातें नीचे जान सकते हैं:
‘पहल’ अभियान से जुड़ी खास बातें
- नेतृत्व और संचालन: इस महत्वपूर्ण अभियान का संचालन विद्युत अभियंत्रण विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री रवि रंजन कुमार दुबे के नेतृत्व में किया जा रहा है. उनकी टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बच्चों को कॉलेज में संचालित मुफ्त कोचिंग क्लास से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है.
- देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों से पढ़े हैं प्रोफेसर: कॉलेज में पढ़ाने वाले सभी प्राध्यापक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चयनित हैं. ये सभी शिक्षक IIT, NIT और देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों से शिक्षित हैं, जिनका अनुभव इन बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है.
- शिक्षकों की सराहनीय भागीदारी: इस अभियान में गणित संकाय की सहायक प्राध्यापिका डॉ. तरुल गर्ग सहित कॉलेज के सभी प्रोफेसर सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहे हैं और ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन दे रहे हैं.
- सपनों को मिलेगा नया आसमान: आर्थिक अभाव के कारण जो प्रतिभाएं तैयारी से वंचित रह जाती थीं, उनके लिए GEC कुमारबाग का यह कदम डॉक्टर और इंजीनियर बनने का एक सुनहरा अवसर बन गया है.
प्राचार्य डॉ. विजय कुमार गुप्ता का संदेश: “सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, कुमारबाग केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रतीक है. हमारा उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राएं भी गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर एवं अन्य उच्च पदों तक पहुंचें. कॉलेज परिवार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”
मुख्य संचालक श्री रवि रंजन कुमार दुबे के विचार: “यह पहल केवल कोचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है. यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो गांवों के छात्र-छात्राएं भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता का परचम लहरा सकते हैं.”
