Valmikinagar News: भेड़िहारी बंगाली कॉलोनी में बाघ के हमले में किसान विजय हालदार की दर्दनाक मौत के बाद हुए सड़क जाम, आगजनी के प्रयास और पुलिस-प्रशासन पर हमले का मामला गहराता जा रहा है. वन विभाग के वनपाल आशीष कुमार ने वाल्मीकिनगर थाने में लिखित आवेदन देकर 34 नामजद समेत करीब 300 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है. आवेदन में वनकर्मियों के साथ जानलेवा मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी वाहन को पलटकर क्षतिग्रस्त करने और आग लगाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है.
घटनास्थल पर पहुंचते ही वनपाल को भीड़ ने घेरा, वर्दी फाड़ी
वनपाल आशीष कुमार के अनुसार, 15 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे सूचना मिली थी कि जंगल से निकले बाघ ने खेत में काम कर रहे विजय हालदार पर हमला कर दिया है.
सूचना पाकर वे वनरक्षी कुंदन कुमार के साथ बाइक से भेड़िहारी चौक पहुंचे. वहां हाईस्कूल के सामने मुख्य सड़क पर शव रखकर करीब 300 से 400 लोगों की उग्र भीड़ सड़क जाम किए हुए थी. आरोप है कि जैसे ही वे घटना की जानकारी लेने पहुंचे, नामजद लोगों ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे, ईंट-पत्थरों व लात-घूंसों से जानलेवा हमला कर दिया. इस दौरान उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई.
थानाध्यक्ष पर भी हमले का प्रयास, वनकर्मियों को ढूंढती रही भीड़
स्थिति बेकाबू होते देख मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने किसी तरह वनपाल को आक्रोशित भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला.
आवेदन में कहा गया है कि वनपाल को बचाने के प्रयास के दौरान भीड़ ने वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष पर भी हमला करने की कोशिश की. इसके बाद उपद्रवी भीड़ अन्य वनकर्मियों को खोजकर उन पर हमला करने का प्रयास करती रही.
वन विभाग की सरकारी गाड़ी को सड़क पर पलटा, आग लगाने की कोशिश
घटना के दौरान भेड़िहारी चौक पर पहुंचे वन विभाग के एक सरकारी वाहन को उपद्रवियों ने निशाना बनाया.
भीड़ ने वाहन में जमकर तोड़फोड़ की और उसे सड़क पर पलट दिया. इतना ही नहीं, असामाजिक तत्वों ने सरकारी गाड़ी में आग लगाने का भी प्रयास किया, जिसे समय रहते विफल किया गया.
34 नामजद समेत 300 अज्ञात पर केस दर्ज, वीडियो से पहचान जारी
वनपाल ने 34 नामजद और 300 अज्ञात लोगों पर गैरकानूनी जमावड़ा, जानलेवा हमला, सरकारी काम में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.
इस संबंध में वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. घटना के समय बनाए गए वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
