वाल्मीकिनगर: जटाशंकर मंदिर में धर्मशाला के दूसरे तल पर विवाद, काम रुका

वाल्मीकिनगर के जटाशंकर मंदिर में निर्माणाधीन धर्मशाला के दूसरे तल पर वन विभाग ने आपत्ति जताई है. जिसके चलते निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है. जानें विवाद की पूरी वजह.

जटाशंकर मंदिर धर्मशाला: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वन क्षेत्र स्थित जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में निर्माणाधीन धर्मशाला के दूसरे तल को लेकर वन विभाग और मंदिर समिति आमने-सामने आ गए हैं. वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) विकास कुमार अहलावत की आपत्ति के बाद रविवार को जिला परिषद अध्यक्ष निर्भय कुमार महतो, थारू कल्याण महासंघ और मंदिर समिति के प्रतिनिधियों ने वन विभाग के साथ बैठक की. वार्ता के बाद फिलहाल धर्मशाला के दूसरे तल का निर्माण कार्य रोक दिया गया है.

रेंजर कार्यालय में पूछताछ के बाद गरमाया मामला

शनिवार को वन क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान डीएफओ ने धर्मशाला के दूसरे तल के निर्माण को लेकर वन क्षेत्र पदाधिकारी सत्यम कुमार से जानकारी ली थी. इसके बाद रेंजर ने मंदिर के पुजारी और निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर को पूछताछ के लिए रेंज कार्यालय बुलाया. इसकी जानकारी मिलते ही मंदिर समिति और थारू कल्याण महासंघ के प्रतिनिधि आक्रोशित हो गए और रविवार सुबह जटाशंकर चेकनाका पहुंचकर वन अधिकारियों से वार्ता की.

बैठक में दोनों पक्षों ने रखे अपने तर्क

  • निर्माण सामग्री पर समिति का पक्ष: समिति सदस्यों ने स्पष्ट किया कि अधिकांश निर्माण सामग्री करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ही जुटा ली गई थी. हाल में आवश्यक सामग्री पाथवे के रास्ते लाई गई है, चेकनाका से कोई नई सामग्री नहीं ले जाई गई.
  • जमीन के दस्तावेज: समिति ने दावा किया कि मंदिर की भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं.
  • अनापत्ति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता: रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि पहले तल पर विभाग को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दूसरे तल के लिए सक्षम उच्चाधिकारियों से विधिवत अनुमति और एनओसी लेना अनिवार्य है.

मंदिर समिति अब जमीन के कागजात के साथ लिखित आवेदन वन विभाग को सौंपेगी. उच्च स्तर से अनुमति मिलने तक निर्माण स्थगित रहेगा.

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By Prabhat khabar news desk

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