Valmikinagar News: बरसात का मौसम शुरू होते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विशेष मानसून गश्त तेज कर दी गई है. दुर्गम और कीचड़युक्त जंगलों में पैदल, मोटर बोट, नाव तथा हाथियों की सहायता से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है. वन विभाग का उद्देश्य अवैध शिकार, वन अपराध और जंगल के भीतर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है.
पैदल, मोटर बोट और हाथियों से हो रही गश्त
वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार ने मानसून गश्त का निरीक्षण करते हुए बताया कि बारिश के कारण जंगल के अधिकांश कच्चे रास्ते वाहनों के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं. ऐसे में पैदल और मोटर बोट से गश्त सबसे प्रभावी साबित हो रही है. रेंज स्तर के अधिकारी, वनरक्षी और फील्ड स्टाफ प्रतिदिन निर्धारित क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग कर रहे हैं.
जीपीएस ट्रैकिंग से होगी गश्त की निगरानी
वन विभाग ने प्रत्येक वनकर्मी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी है. जीपीएस के आधार पर ही गश्त की पुष्टि की जाएगी. इसके साथ ही गश्त के दौरान दिखाई देने वाले वन्यजीवों की संख्या, उनकी गतिविधियों और संवेदनशील स्थलों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि संरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके.
गंडक नदी और जलीय क्षेत्रों पर विशेष नजर
गंडक नदी तथा अन्य जलीय क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है. मोटर बोट और नाव के माध्यम से नदी तटों पर गश्त कर अवैध शिकार, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. बढ़ते जलस्तर के कारण संभावित कटाव वाले क्षेत्रों की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: लौरिया में बाकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, बांटी मिठाइयां
