योगापट्टी में बाढ़ के बाद जलनिकासी की समस्या, 8 KM पैदल चलकर नदी तक पहुंचे ग्रामीण

योगापट्टी में बाढ़ के बाद गंडक नदी में गाद जमा होने से जलनिकासी ठप हो गई है. ग्रामीण 8 किमी पैदल चलकर प्रदर्शन कर रहे हैं और नदी की उड़ाहि की मांग कर रहे हैं.

West Champaran News: योगापट्टी. प्रखंड क्षेत्र के चौमुखा पंचायत में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नदी में जमा गाद-मिट्टी से जलनिकासी बाधित होने की समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया. मुखिया मुकेन्द्र यादव के नेतृत्व में ग्रामीण करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर सिसवा मंगलपुर पंचायत क्षेत्र स्थित गंडक नदी तक पहुंचे.

ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की उड़ाही कर गाद-मिट्टी हटाने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते गाद नहीं हटायी गयी तो खेतों में पानी जमा रहने से आगामी फसल की तैयारी प्रभावित हो सकती है.

Yogapatti News: 8 KM पैदल चलकर गंडक नदी तक पहुंचे ग्रामीण

जलनिकासी की समस्या को लेकर चौमुखा पंचायत के ग्रामीण मंगलवार को सड़क पर उतरे. मुखिया मुकेन्द्र यादव के नेतृत्व में ग्रामीण करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर गंडक नदी तक पहुंचे.

ग्रामीणों ने नदी के बहाव क्षेत्र का जायजा लेते हुए प्रशासन से गाद-मिट्टी हटाने और नदी की उड़ाही कराने की मांग की. ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के बाद नदी का रास्ता कई जगह गाद जमा होने से संकरा हो गया है.

500 मीटर तक जमा है गाद-मिट्टी

मुखिया मुकेन्द्र यादव ने अंचलाधिकारी, योगापट्टी को आवेदन देकर बताया कि बाढ़ के बाद चौमुखा, मदारपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में नदी के मुहाने और बहाव क्षेत्र में करीब 500 मीटर तक गाद-मिट्टी जमा हो गयी है.

गाद जमा होने के कारण पानी के बहाव और निकासी पर असर पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सफाई नहीं हुई तो बारिश या बाढ़ की स्थिति में खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रह सकता है.

लंबे समय तक जलजमाव से धान और गन्ने की फसल प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, चौमुखा गांव के चारों तरफ हरहा नदी का पानी फैलने के कारण लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति बनी रही. बाढ़ के कारण धान और गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है.

अब नदी में गाद जमा होने के कारण जलनिकासी प्रभावित होने से किसानों की चिंता और बढ़ गयी है. किसानों को आशंका है कि पानी नहीं निकलने पर आगामी फसल की तैयारी में भी परेशानी हो सकती है.

किसानों ने बताया, नदी का रास्ता हुआ संकरा

किसान बिरेंद्र यादव, फुलेना यादव, किशोरी यादव, उमेश यादव, प्रभु यादव, गुड्डू यादव और विक्रम यादव ने बताया कि गाद जमा होने से नदी का बहाव क्षेत्र संकरा हो गया है.

किसानों ने कहा कि यदि समय पर नदी की सफाई नहीं करायी गयी तो खेतों में पानी जमा रह सकता है. इससे खेत तैयार करने और आगामी फसल की बुआई प्रभावित होने की आशंका है.

CO और BDO को दिया गया आवेदन

मुखिया मुकेन्द्र यादव ने बताया कि जलनिकासी की समस्या को लेकर अंचलाधिकारी, योगापट्टी को आवेदन दिया गया है. आवेदन की प्रतिलिपि बीडीओ शशिभूषण कुमार को भी दी गयी है.

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द नदी की उड़ाही कराने, गाद-मिट्टी हटाने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है.

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By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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