West Champaran News: प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने उर्वरक विक्रेताओं पर यूरिया की कालाबाजारी और निर्धारित दर का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है. किसानों का कहना है कि 266.50 रुपये प्रति बोरा की निर्धारित कीमत के बावजूद उनसे यूरिया के साथ जबरन उर्वरक दवा देकर 500 से 700 रुपये तक वसूले जा रहे हैं.
किसानों ने मामले की जांच कर दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
निगरानी समिति के निर्देशों का पालन नहीं होने का आरोप
राजद प्रखंड अध्यक्ष जयलाल यादव, अखिलेश यादव, कपिलदेव यादव समेत अन्य किसानों ने बताया कि 23 जुलाई को ई-किसान भवन सभागार में हुई उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा बेचने का निर्देश दिया गया था.
किसानों का आरोप है कि इसके बावजूद कई दुकानदार इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं.
किसानों ने लगाए ये आरोप
किसानों का कहना है कि दुकानदार पहले यूरिया उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगवाते हैं.
बाद में यूरिया के साथ उर्वरक दवा खरीदने की शर्त रखी जाती है और कुल 500 से 700 रुपये तक वसूले जाते हैं. किसान राजू प्रसाद, बुनीलाल यादव, दहाड़ी महतो और भोला महतो ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
कृषि विभाग ने जांच का दिया भरोसा
मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि शिकायत की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी.
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी उर्वरक विक्रेता की अनियमितता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
