बाघ के हमले से किसान की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने किया वन विभाग की गाड़ी में तोड़ फोड़

एक माह में तीसरी मौत से ग्रामीणों में उबाल, बाघ की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू

Valmikinagar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल-2 अंतर्गत वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में बाघ के हमले में किसान विजय हालदार की मौत के बाद शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा. भेड़ीहारी चौक के समीप दक्षिण टोला के पास हुई घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को वाल्मीकिनगर-बगहा मुख्य पथ पर रखकर जाम कर दिया. घंटों चले विरोध-प्रदर्शन के बाद एसडीएम चांदनी कुमारी के आश्वासन और वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को नौकरी एवं नियमानुसार मुआवजा देने की पेशकश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया.

खेत में काम कर रहे किसान पर बाघ ने किया हमला

बताया गया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे 45 वर्षीय विजय हालदार जंगल के समीप अपने खेत में काम कर रहे थे. इसी दौरान वन क्षेत्र से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया. बाघ के हमले में विजय हालदार की मौके पर ही मौत हो गयी.

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गये. किसान की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया.

शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन

आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव मुख्य सड़क पर रखकर वाल्मीकिनगर-बगहा मार्ग को जाम कर दिया. इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा.

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग की एक गाड़ी को पलट दिया. वहीं, एक वनपाल के साथ मारपीट किये जाने की भी जानकारी सामने आयी है. ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले कई दिनों से गांव के आसपास बाघ की गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाये.

एसडीएम-एसडीपीओ समेत अधिकारी पहुंचे

तनाव की सूचना मिलने पर एसडीएम चांदनी कुमारी, एसडीपीओ निहार भूषण, एसएसबी के सहायक कमांडेंट अवधेश कुमार समेत पुलिस और सशस्त्र बल के जवान मौके पर पहुंचे. वाल्मीकिनगर, नौरंगिया और लौकरिया थानों की पुलिस को भी तैनात किया गया.

अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया.

एक माह में बाघ के हमले की तीसरी मौत

विजय हालदार की मौत के बाद क्षेत्र में बाघ के हमलों को लेकर चिंता और बढ़ गयी है. करीब 15 दिन पहले बकरी चरा रहे 62 वर्षीय किसान अकलू यादव पर बाघ ने हमला किया था. गंभीर रूप से घायल अकलू यादव की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी.

इससे पहले वीटीआर से सटे नौरंगिया गांव में धान की सोहनी कर रही एक महिला की भी बाघ के हमले में मौत हो चुकी है. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

नौकरी और मुआवजे के साथ बाघ की निगरानी की मांग

ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों के लिए सरकारी नौकरी, मुआवजा और आबादी क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की.

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा राशि दी जाएगी और वन विभाग में नौकरी देने की प्रक्रिया की जाएगी. उन्होंने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. वन विभाग की टीम लगातार बाघ की तलाश और उसकी गतिविधियों की निगरानी कर रही है.

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By Israel ansari

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