बगहा: फरक्का (गंगा) जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान और इसके नवीनीकरण के विरोध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जदयू की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गयी. प्रेसवार्ता में बगहा जदयू जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है. इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों की सिंचाई, पेयजल, उद्योगों की जरूरत और लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
12 जिलों में चल रहा ‘नीतीश संवाद’ अभियान
प्रभात रंजन सिंह ने कहा कि जदयू की ओर से चलाये जा रहे ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में लोगों से संवाद कर रहे हैं.
अभियान की शुरुआत पांच सितंबर को बक्सर से हुई है और इसका समापन कटिहार में होगा.
जल संकट और बाढ़ की समस्या का उठाया मुद्दा
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि के कारण बिहार को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि शुष्क मौसम में गंगा का जलस्तर कम रहने के बावजूद फरक्का के माध्यम से बांग्लादेश को पानी देना पड़ता है. जदयू का आरोप है कि इससे बिहार के हिस्से के पानी की हकमारी हो रही है.
जिला प्रवक्ता राकेश कुमार सिंह ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हुआ है, जिससे उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या बढ़ी है. वहीं, गर्मी के मौसम में कई क्षेत्रों में पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न होती है.
बिहार के हक और जनहित से जुड़ा मुद्दा : जदयू
जदयू नेताओं ने कहा कि पार्टी का यह अभियान राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि बिहार के हक और जनहित से जुड़ा मुद्दा है. बिहार की आवाज केंद्र तक पहुंचाने और फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार की मांग को लेकर अभियान जारी रहेगा.
प्रेसवार्ता में बगहा जदयू जिलाध्यक्ष प्रभात रंजन सिंह, जिला उपाध्यक्ष दया शंकर सिंह, जिला अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह, जितेंद्र कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह, जिला प्रवक्ता राकेश सिंह, जिला महासचिव जितेंद्र कुशवाहा, किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बिमलेंदु सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, प्रदेश महासचिव अल्पसंख्यक निजामुद्दीन, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष छठू बैठा, मुरारी चौधरी, अशोक पांडेय आदि शामिल रहे.
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