Chanpatia News: चनपटिया थाना क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मी से 2.55 लाख रुपये की कथित छिनतई का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला है. करीब 20 दिन की जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि लूट की कहानी खुद शिकायतकर्ता ने रुपये हड़पने की नीयत से गढ़ी थी.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
लूट की कहानी सुनाई थी
पुलिस के अनुसार, सिकटा पीएचसी में कार्यरत एक्स-रे तकनीशियन बासु कुमार (27), जो चुहड़ी गांव का रहने वाला है, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 जुलाई की रात वह बाइक से 2.55 लाख रुपये लेकर एरिया मैनेजर को देने शनिचरी चौक जा रहा था.
उसने आरोप लगाया था कि खैरवाटोला-भैंसही के बीच पोखरा के पास झाड़ियों में छिपे दो बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया. शिकायत में यह भी कहा गया था कि घटना के दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह खेत में गिर गया और उसे चोटें आईं.
जांच में खुलने लगी कहानी की परतें
एफआईआर दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और शिकायतकर्ता के बयान में कई विरोधाभास मिले. लगातार पूछताछ के दौरान बासु कुमार ने स्वीकार कर लिया कि उसके साथ कोई छिनतई नहीं हुई थी.
कर्ज के कारण रची थी साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था. रुपये हड़पने के उद्देश्य से उसने लूट की पूरी कहानी गढ़ी थी.
अनुसंधानकर्ता प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 5 हजार रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है.
पुलिस ने भेजा जेल
मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले के खुलासे में थानाध्यक्ष अमित कुमार, एसआई प्रिंस कुमार, अनुसंधानकर्ता प्रदीप कुमार सिंह और कुमार विवेकानंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
