56.96 करोड़ से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना से बनने वाले मुख्य नाला निर्माण के लिए हटेगा अतिक्रमण : गरिमा

नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने निर्माणाधीन स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम निरीक्षण किया.

बेतिया. नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने निर्माणाधीन स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम निरीक्षण किया. सर्किट हाउस के समीप मोहर्रम चौक होते कलेक्ट्रेट चौक होते निकलने वाले इस मुख्य नाले के जारी निर्माण के तहत महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण को तेज गति से पूरा करने के लिए नालों पर अतिक्रमण की जांच के लिए नगर निगम और जिला परिषद प्रशासन के अमीनों द्वारा संयुक्त रूप से पैमाईश की जा रही है. पैमाईश रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के बाद इस महत्वपूर्ण योजना के कार्य को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला परिषद के कार्यपालक अधिकारी सह डीडीसी से महापौर ने अनुरोध कर अमीनों की आवश्यकता बताई. अभी निर्माणाधीन नाले का कार्य जिला जज आवास से शुरू हो गया है. इस मौके पर मौजूद बुडको के साइट इंचार्ज अभियंता पप्पू कुमार ने बताया कि सर्किट हाउस से मोहर्रम चौक के इस निर्माणाधीन नाले की चौड़ाई करीब साढ़े तीन फीट और गहराई 6 फ़ीट होगी. नाले का लेबल सड़क के बराबर होगा. ताकि बरसात और अन्य जल निकासी सुगमता पूर्वक होते रहना सुनिश्चित हो सके. वही महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण पूरा हो जाने से नगर निगम के सघन शहरी क्षेत्र के लिए सुगम जल निकासी की सुविधा के साथ नगर निगम के सघन शहरी क्षेत्र को जल जमाव से मुक्त बनाया जा सकेगा. महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग से स्वीकृत एवं फलित होने जा रहा यह नया जल निकासी सिस्टम बीते करीब साढ़े तीन साल के उनके अथक प्रयास के बाद अब फलीभूत रूप में है. जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र के सघन शहरी क्षेत्र के लिए 56.96 करोड़ लागत वाला नया स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम संभव हुआ है. महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि बुडको अर्थात बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से इसकी निविदा प्रक्रिया विगत पूरी करने के आधार पर इसके लिए दिल्ली के प्रीतमपुरा की कंपनी मेसर्स सीके इंफ्रा लिमिटेड और मेसर्स बिल्डनेट इंगर्स को कार्यादेश भी जारी करते हुए बुडको ने अपनी टीम भी तैनात कर दी है. महापौर ने बताया कि पूर्ववर्ती नगर परिषद के सभापति वाले कार्यकाल में सघन क्षेत्र में आबादी के अनुसार नई जल निकासी व्यवस्था के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम निर्माण का प्रस्ताव भेजा था. जिसके पेंडिंग रह जाने के बाद अपने वर्तमान कार्यकाल में बिहार मंत्री परिषद से इसकी स्वीकृति मिल पाई थी. महापौर ने बताया कि इस योजना को पूरी करने की समय सीमा 24 माह अर्थात दो साल तय की गई है. जिसके अनुसार कुल नौ खंड में बंटे नए और विस्तृत सिवरेज सिस्टम से सुगम जल निकासी का लाभ से सघन शहरी क्षेत्र के करीब पौने दो लाख की आबादी को मिलने लगेगा. जिससे व्यवस्थित और सुचारू जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित हो जायेगी.

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Author: SATISH KUMAR

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