bettiah : सुभद्रा मेला के अस्तित्व पर खतरा बने अतिक्रमणकारी

जिला में थारू संस्कृति की बड़ी विरासत 'सुभद्रा मेला' परिसर के अस्तित्व के लिए दर्जनों अतिक्रमणकारी खतरा बन बन गए हैं.

बेतिया . जिला में थारू संस्कृति की बड़ी विरासत ””सुभद्रा मेला”” परिसर के अस्तित्व के लिए दर्जनों अतिक्रमणकारी खतरा बन बन गए हैं.जिला प्रशासन के स्तर से करीब 41 लाख में बंदोबस्त इस ऐतिहासिक के साथ आध्यात्मिक, पर्यटनिक और सांस्कृतिक महत्व की इस विरासत को अतिक्रमणकारियों से खतरा बताते हुए मेला के संवेदक ने जिला राजस्व संभाग के नोडल अधिकारी सह अपर समाहर्ता को त्राहिमाम आवेदन के रूप त्वरित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है.संवेदक इमरान खान ने अपने आवेदन में बताया है कि कतिपय स्थानीय लोगों ने मेला परिसर की बंदोबस्त सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर दर्जनों स्थाई दुकानें लगाकर मंदिर परिसर का अतिक्रमण कर लिया है। वही इन अतिक्रमणकारी दुकानदारों ने उनसे कतिपय स्थानीय दबंगों द्वारा दुकान लगाने के एवज में उगाही करते रहे हैं. संवेदक ने बताया कि अतिक्रमण के कारण मेला परिसर और मंदिर के पास से गुजरने वाली स्वजनिक मुख्य सड़क के भी काफी सकरी हो जाने से मेला में आने वाले हजारों श्रद्धालु जन और विशेष कर महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बन गई है.संवेदक इमरान खान ने बताया कि मेला ग्राउंड का अतिक्रमण बीते साल हुई उक्त सैरात की विभागीय वसूली के कारण और बढ़ गई है. संवेदक ने बताया कि अगर अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो मेला की बंदोबस्ती लेने वाले संवेदक को लाखों की राजस्व क्षति होना तय.उक्त शिकायत मिलने के बाद अपर समाहर्ता ने गौनाहा के अंचल अधिकारी और एसडीएम नरकटियागंज को त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

RANJEET THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >