MGNREGA Scam Laukariya: बैरिया प्रखंड की लौकरिया पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक ही नाला सफाई कार्य को अलग-अलग नाम देकर सात योजनाओं के रूप में स्वीकृति दिलाई गई और कागजों पर काम पूरा दिखाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया.
मामले को लेकर अब जांच प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी सवाल उठने लगे हैं.
क्या है पूरा मामला?
आरोप के अनुसार, लौकरिया पंचायत के वार्ड संख्या-15 में छठ घाट से कब्रिस्तान तक नाला सफाई के एक ही कार्य को अलग-अलग नाम देकर सात योजनाओं के रूप में स्वीकृत कराया गया.
शिकायतकर्ता का दावा है कि वास्तविकता में कार्य एक ही था, लेकिन अलग-अलग योजनाओं के जरिए सरकारी राशि निकाली गई.
डीडीसी ने दिए थे जांच के आदेश
इस मामले में पश्चिम चंपारण के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने 18 जुलाई को मनरेगा के कार्यपालक अभियंता, डीआरडीए को जांच का आदेश दिया था.
आदेश में सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया था.
बीस सूत्री अध्यक्ष ने लगाए आरोप
यह शिकायत प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अवधकिशोर सिंह ने की है.
अपने आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही स्थल पर हुए कार्य को सात अलग-अलग योजनाओं के रूप में दर्शाकर लाखों रुपये का गबन किया गया है.
जांच में देरी पर जताई नाराजगी
अवधकिशोर सिंह ने कहा कि उप विकास आयुक्त के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अब तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है.
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो इस मामले में संलिप्त कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संविदा सेवा समाप्त की जाए.
कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे शिकायत
बीस सूत्री अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को वरीय अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे.
फिलहाल मामले की जांच के आदेश जारी हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
