Bagaha News: लोक अदालत की सफलता और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर बुधवार को बगहा न्यायालय में बैठक आयोजित की गई. बैठक में वन विभाग से जुड़े मामलों में गवाहों की अनुपस्थिति पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई. न्यायालय सूत्रों के अनुसार जनवरी से अगस्त तक वन विभाग से जुड़े करीब 700 मामलों में अब तक महज चार गवाह ही न्यायालय में उपस्थित हुए हैं. इससे मामलों की सुनवाई और निष्पादन प्रभावित हो रहा है.
वन विभाग के 700 मामलों में सिर्फ चार गवाह पहुंचे
बैठक में बताया गया कि जनवरी से अगस्त तक वन विभाग से संबंधित करीब 700 मामले न्यायालय में लंबित हैं. इनमें अब तक केवल चार गवाहों की उपस्थिति हो सकी है. न्यायालय ने कहा कि गवाहों की समय पर उपस्थिति नहीं होने से मामलों की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है और अनावश्यक रूप से मामले लंबित हो रहे हैं.
समन के बावजूद गवाहों को कोर्ट नहीं लाया जा रहा
विशेष लोक अभियोजक गजेंद्र धर मिश्र ने बताया कि न्यायालय की ओर से संबंधित गवाहों के लिए समन जारी किए जाते हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से गवाहों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कराया जा रहा है. उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर जोर दिया.
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डीएफओ की अनुपस्थिति पर भी कोर्ट नाराज
बैठक में वन प्रमंडल दो के डीएफओ विकास अहलावत और वन प्रमंडल एक के डीएफओ शिखर प्रधान के अनुपस्थित रहने पर भी न्यायालय ने नाराजगी जताई. न्यायालय ने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है.
समन और नोटिस की समय पर तामिला का निर्देश
बैठक में लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन, समन एवं नोटिस की तामिला और गवाहों की उपस्थिति को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए. संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि समन और नोटिस का समय पर अनुपालन कराते हुए गवाहों को न्यायालय में उपस्थित कराया जाए.
लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर
बैठक की अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मनीष कुमार द्विवेदी ने की. इस दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम कीर्ति प्रसाद और अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक कुमार चतुर्वेदी ने भी लंबित मामलों के निष्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की.
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