बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bihar Panchayat Vikas Diwas: बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायतों में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक “पंचायत विकास दिवस” का आयोजन किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करना और पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच होगा सीधा संवाद
जिला जनसंपर्क कार्यालय पश्चिम चंपारण द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पंचायत विकास दिवस के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम सभा सदस्यों, महिलाओं, युवाओं और अन्य हितधारकों के बीच संवाद स्थापित किया जाएगा. इसके माध्यम से पंचायत क्षेत्र की समस्याओं, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
सतत विकास लक्ष्यों पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यक्रम में वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति के लिए पंचायत स्तर पर रणनीति तैयार की जाएगी. ग्रामीण विकास से जुड़ी नौ प्रमुख थीमों पर चर्चा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाएगी.
मन की बात का होगा सामूहिक प्रसारण
पंचायत विकास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक श्रवण भी कराया जाएगा. इसके लिए सभी पंचायतों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
योजनाओं और खर्च का होगा सार्वजनिक लेखा-जोखा
बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की जाएगी. साथ ही e-Gram Swaraj Portal, e-Panchayat और अन्य पोर्टलों पर दर्ज योजनाओं की प्रगति, पंचायत निधि से किए गए खर्च और उपलब्ध शेष राशि की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी. पंचायत की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी.
सार्वजनिक स्थलों पर होगा आयोजन
पंचायत विकास दिवस का आयोजन पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन, विद्यालय, सामुदायिक भवन या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा. कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, रोशनी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
लोकतांत्रिक भागीदारी को मिलेगी मजबूती
सरकार का मानना है कि पंचायत विकास दिवस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को बढ़ावा मिलेगा. इससे विकास योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी और ग्राम स्वराज की अवधारणा को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी.
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