बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
Bihar Education News: पश्चिम चंपारण सहित बिहार के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक ‘पठन पर्व’ आयोजित किया जाएगा. प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अभियान के सफल संचालन एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश जारी किए हैं. इस अभियान का उद्देश्य कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) को मजबूत करना है.
प्रतिदिन 15 मिनट करेंगे कहानी और कविता का वाचन
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार पठन पर्व के दौरान प्रतिदिन कक्षा 2 के छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की भाषा—हिंदी, उर्दू, मैथिली, बांग्ला अथवा अंग्रेजी में कम से कम 15 मिनट तक कहानी, कविता या किसी अनुच्छेद का वाचन करेंगे. इसके लिए केवल पाठ्यपुस्तक ही नहीं, बल्कि विद्यालय पुस्तकालय और अन्य उपलब्ध संसाधनों का भी उपयोग किया जाएगा.
आयु के अनुरूप होगी अध्ययन सामग्री
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि बच्चों के लिए चयनित पठन सामग्री उनकी आयु और कक्षा के अनुरूप हो. इससे बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ेगी और अभियान के उद्देश्य भी सफल होंगे.
अभिभावकों और बड़े बच्चों की भी होगी भागीदारी
‘पठन पर्व’ को जन-अभियान का स्वरूप देने के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है. साथ ही उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को छोटे बच्चों के पठन में सहयोग करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी. अनुपस्थित बच्चों के लिए घर से भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
व्हाट्सएप पर साझा होंगे पठन वीडियो
विद्यालयों के शिक्षक अपने पोषक क्षेत्र के अभिभावकों को व्हाट्सएप के माध्यम से पठन सामग्री उपलब्ध कराएंगे और बच्चों के अनुच्छेद पढ़ते हुए वीडियो साझा करने के लिए प्रेरित करेंगे. शिक्षा विभाग ने जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों को अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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