Bihar Ratna Award: बिहार की गौरवशाली धरती पर जन्मे और राज्य के लिए ऐतिहासिक योगदान देने वाले महान लोगों को अब एक बड़े सम्मान से नवाजने की मांग उठी है. चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुला पत्र लिखकर बिहार में ‘बिहार रत्न’ सम्मान शुरू करने की मांग की है. विधायक की इस पहल से राज्य की महान विभूतियों को सम्मान देने की बहस फिर तेज हो सकती है.
‘भारत रत्न’ की तर्ज पर हो ‘बिहार रत्न’
विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि समृद्ध इतिहास, संस्कृति और सामाजिक विरासत की भूमि है. इस धरती ने देश को महापुरुषों के साथ-साथ समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, खिलाड़ी और जनसेवक दिए हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह देश में ‘भारत रत्न’ सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, उसी तरह बिहार में भी राज्य स्तर पर सर्वोच्च सम्मान के रूप में ‘बिहार रत्न’ की शुरुआत होनी चाहिए.
जिंदा ही नहीं, दिवंगत विभूतियों को भी मिले सम्मान
विधायक ने मांग की है कि ‘बिहार रत्न’ सिर्फ जीवित लोगों तक सीमित नहीं हो. बिहार के इतिहास में अमिट योगदान देने वाली दिवंगत विभूतियों को भी मरणोपरांत यह सम्मान देने का प्रावधान किया जाए.
राजकुमार शुक्ल से लेकर श्रीकृष्ण सिंह तक के नाम
विधायक ने चंपारण के स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राजकुमार शुक्ल ही वह महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने महात्मा गांधी को चंपारण की धरती पर लाकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी. ऐसे महान नायकों को राज्य के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना बिहार के लिए गौरव की बात होगी. इसके साथ ही बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह समेत सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान, खेल और अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाली विभूतियों को भी ‘बिहार रत्न’ के दायरे में शामिल करने की मांग की गयी है.
अब सरकार के फैसले पर नजर
विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर पहल करने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि ‘बिहार रत्न’ की शुरुआत बिहार की महान परंपरा और विभूतियों को नई पहचान देगी. साथ ही नई पीढ़ी को अपने महान नायकों के संघर्ष और योगदान से प्रेरणा मिलेगी.
