Bettiah News: पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित शिवपुर शरणार्थी कॉलोनी में ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार छोड़ मिसाल पेश की है. वर्षों से भसहा नदी के कारण बरसात में आवागमन की समस्या झेल रहे लोगों ने अब अपने स्तर पर करीब 60 फीट लंबा लोहे का पुल बनाने का फैसला किया है. चंदा और श्रमदान के जरिए पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है.
बरसात में 7 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर
शिवपुर शरणार्थी कॉलोनी के करीब 60 परिवारों के साथ आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को हर साल बरसात में भारी परेशानी उठानी पड़ती है. गांव से सरकारी प्लस टू विद्यालय जाने के रास्ते में भसहा नदी पड़ती है. नदी में पानी बढ़ने पर स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने के लिए करीब सात किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है. इससे पढ़ाई के साथ किसानों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित होती है.
2.5 लाख रुपये की लागत से बनेगा पुल
ग्रामीणों ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए करीब 60 फीट लंबे लोहे के पुल के निर्माण का निर्णय लिया है. पुल निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे और भी धन जुटाएंगे, लेकिन काम नहीं रुकने देंगे.
चंदा और श्रमदान से बन रहा पुल
ग्रामीण देवाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि पुल निर्माण के लिए आवश्यक लोहे के सभी पुर्जे जुटाए जा रहे हैं और उन्हें जोड़ने की तैयारी चल रही है. विनय मिस्त्री ने कहा कि निर्माण कार्य में समय और आर्थिक सहयोग दोनों की जरूरत है, लेकिन गांव के लोग पूरी एकजुटता के साथ जुटे हुए हैं.
आधा दर्जन गांवों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण विमल मंडल और नंदलाल व्यापारी ने बताया कि पुल बनने के बाद सिर्फ शिवपुर शरणार्थी कॉलोनी ही नहीं, बल्कि आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और मजबूत इरादे के दम पर उनका यह सपना जल्द ही पूरा होगा.
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