Bettiah Raj Land Encroachment: बेतिया: बेतिया राज द्वारा अंचल-बेतिया स्थित मौजा-पूर्वी करगहिया (नौरंगाबाग) में अपनी स्वामित्व वाली करोड़ों की भूमि की सुरक्षा और सघन निगरानी को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, क्षेत्र में फोरलेन सड़क चौड़ीकरण के दौरान पूर्व में विस्थापित किए गए कुछ दुकानदारों द्वारा बेतिया राज की बेशकीमती खाली जमीन पर फिर से अवैध कब्जा कर दुकानें खड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है. जमीन पर अवैध अतिक्रमण की इस कोशिश को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है, ताकि राज की भूमि सुरक्षित रहे और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे.
फोरलेन सड़क निर्माण से हटाए गए दुकानदारों की मनमानी
जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण पेट्रोल पंप से फोरलेन मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के दौरान सड़क किनारे से पुराने दुकानदारों और अस्थायी ढांचों को नियमानुसार हटाया गया था. लेकिन अब खबर सामने आ रही है कि हटाए गए दुकानदारों द्वारा नौरंगाबाग स्थित बेतिया राज की खाली पड़ी जमीन पर जबरन अतिक्रमण कर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है. इससे न केवल बेतिया राज की परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि स्थानीय स्तर पर विवाद और तनाव पैदा होने का अंदेशा भी बढ़ गया है.
प्रतिनियुक्त सिपाहियों को सख्त पहरेदारी और त्वरित रिपोर्ट के आदेश
इस संभावित खतरे को देखते हुए राजस्व पदाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी है. उन्होंने क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सिपाहियों—रामाधार महतो और श्री जधुनी यादव को संबंधित स्थल पर 24 घंटे सतर्कता बरतने और सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति जमीन पर नए सिरे से निर्माण, बांस-बल्ली लगाने या शेड डालने का प्रयास करता है, तो उसे तुरंत रोका जाए और बिना विलंब किए उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए.
नया अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
राजस्व पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण या अवैध निर्माण की स्थिति में तुरंत विधिवत प्रतिवेदन कार्यालय को समर्पित किया जाए, ताकि दोषियों के विरुद्ध अतिक्रमण अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराई जा सके. अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बेतिया राज की स्वामित्व वाली किसी भी भूमि पर अवैध दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी व ऐतिहासिक संपत्तियों का संरक्षण हर हाल में सुनिश्चित होगा.
