बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चम्पारण जिले में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में कार्रवाई में शिथिलता बरतना पुरुषोत्तमपुर थानाध्यक्ष को बेहद महंगा पड़ गया है. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. शौर्य सुमन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरुषोत्तमपुर थाना की थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक सुधा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पुलिस कप्तान की इस कड़क कार्रवाई से जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
जनता दरबार में खुली पोल, एसएसपी ने लिया कड़ा एक्शन
पुलिस प्रवक्ता विश्व मोहन चौधरी ने बताया कि गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया था. इसी दौरान एक पीड़ित परिवार ने एसएसपी के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नाबालिग लड़की के अपहरण से संबंधित दर्ज मामले में पुरुषोत्तमपुर पुलिस द्वारा अपेक्षित तत्परता से कोई कार्रवाई नहीं की गई. ना तो पीड़िता की बरामदगी के प्रयास हुए और ना ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सकी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रथम दृष्टया कर्तव्य में घोर लापरवाही पाए जाने पर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया.
संवेदनशील मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डॉ. शौर्य सुमन
पुलिस अधीक्षक डॉ. सुमन ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नाबालिगों, महिलाओं और अन्य संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित प्राथमिकी दर्ज करना, प्रभावी अनुसंधान करना और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करना पुलिस पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे कानून के अनुरूप निष्पक्ष और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करें, अन्यथा कठोर विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
