Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के साठी थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरिया गांव में शनिवार की देर रात उस समय भीषण अफरा-तफरी मच गई, जब तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन नकाबपोश अपराधियों ने एक घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. आधी रात को हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी से पूरा इलाका दहल उठा है और ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही साठी थाना पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू की और घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए हैं.
घर पर नहीं मिलने पर शुरू कर दिया खूनी खेल
यह वारदात खजुरिया गांव के नंद टोला (पांडेय टोला) की है. पीड़ित गृहस्वामी संजय पांडेय ने घटना के संबंध में बताया कि देर रात करीब 2:30 बजे तीन बाइकों पर सवार होकर छह युवक उनके दरवाजे पर पहुंचे. अपराधियों ने आते ही उनके पुत्र चुन्नु पांडेय के बारे में कड़े लहजे में पूछताछ शुरू कर दी. जब परिजनों ने बताया कि चुन्नु घर पर मौजूद नहीं है, तो सभी युवक आगबबूला हो गए और भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे.
पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने चिल्लाते हुए कहा कि “पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है, कितना पैसा लेकर पुलिस उसे बचाएगी? आज हम ही इसका अंतिम फैसला कर देते हैं.” इतना कहते ही अपराधियों ने हथियार निकालकर घर पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. घटना के तुरंत बाद साठी थानाध्यक्ष राजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान चार खाली खोखे जब्त किए.
साठी थाने में दर्ज है दहेज उत्पीड़न की एफआईआर; बेतिया GMCH रेफर हुई थी पीड़िता
इस पूरी हिंसक वारदात के पीछे का कारण एक पुराना पारिवारिक और कानूनी विवाद बताया जा रहा है. दरअसल, चुन्नु पांडेय और उनके परिजनों के खिलाफ साठी थाने में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला पहले से दर्ज है. नरकटियागंज के हरदिया की रहने वाली पूजा कुमारी ने साठी थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था.
बेतिया GMCH रेफर हुई थी पीड़िता
लिखित शिकायत के अनुसार, बीती 31 मार्च 2026 को पति, सास-ससुर और ननद ने मिलकर पूजा को एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा था. बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें ससुराल के चंगुल से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया था, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच (GMCH) बेतिया रेफर कर दिया था.
कार्रवाई में देरी पर भड़का आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लड़की पक्ष और उनके करीबियों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश था. इसी गुस्से के परिणामस्वरूप इस हिंसक वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, फायरिंग की इस घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों की अभी तक कोई आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
साठी थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि पुलिस मामले के सभी तकनीकी, पारिवारिक और जमीनी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है. इस वारदात ने एक बार फिर इलाके की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई की गति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीण दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की पुरजोर मांग कर रहे हैं.
नरकटियागंज से सतीश पांडेय और साठी से कृष्णमोहन राय की रिपोर्ट
