Bettiah News: पश्चिम चम्पारण जिले के शिकारपुर थाना अंतर्गत मंगरहरी बैरिया गांव का सात वर्षीय मासूम मोहम्मद फैजान पिछले 10 महीनों से लापता है. 24 जून 2025 को अखाड़ा देखने निकला फैजान रहस्यमय तरीके से गायब हुआ और तब से अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है. यह मामला अब पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है. अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस नार्को टेस्ट का सहारा लेने की तैयारी में है.
जांच, इनाम और विधानसभा में गूंज
घटना के बाद बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन के नेतृत्व में एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने नदी, कुएं और बाग-बगीचों को खंगाला, पर सफलता नहीं मिली. पुलिस ने जहां 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया, वहीं हताश पिता मो. सनाउल्लाह ने 2 लाख रुपये इनाम की घोषणा कर दी. मामला इतना गंभीर हुआ कि फरवरी 2026 में विधायक अख्तरूल इमाम ने इसे बिहार विधानसभा में उठाया, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तलब की. चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने भी इस संबंध में गृह मंत्री को पत्र लिखा है.
अल्पसंख्यक आयोग की सख्ती और नार्को टेस्ट
बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी बेतिया में समीक्षा बैठक कर पुलिस को सख्त चेतावनी दी है. इधर, नरकटियागंज डीएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकतर बिंदुओं पर अनुसंधान कर चुकी है. अब मामले में नया मोड़ देते हुए वादी, साक्षियों और आरोपितों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि सच सामने आ सके.
जनाक्रोश और मां का अंतहीन इंतजार
लापता फैजान की बरामदगी के लिए बीते 30 अप्रैल को भाकपा के बैनर तले नरकटियागंज में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच की गति काफी धीमी है. इधर, फैजान की मां नासरीन आज भी घर के दरवाजे पर टकटकी लगाए अपने जिगर के टुकड़े का इंतजार कर रही हैं. मासूम के कपड़े आज भी उसी तरह रखे हैं, जैसे वह छोड़ गया था. सवाल आज भी प्रशासन के सामने खड़ा है कि आखिर फैजान गया तो गया कहां?
बेतिया से गणेश वर्मा की रिपोर्ट
