Bettiah News: पश्चिम चम्पारण जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. उप विकास आयुक्त (डीडीसी) काजले नितिन वैभव ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कई प्रखंडों के बीडीओ, आवास पर्यवेक्षकों और समन्वयकों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है. डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर लंबित सभी आवासों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए.
तीसरी किश्त के बाद भी अधूरे हैं 8941 आवास
समीक्षा के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिले में कुल 20,995 लाभुकों को तीसरी किश्त जारी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद 8,941 आवास अब तक अधूरे हैं. इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए डीडीसी ने नाराजगी जताई है. रिपोर्ट के अनुसार, नौतन प्रखंड की स्थिति सबसे खराब है, जहाँ 1,879 आवास लंबित हैं. वहीं बैरिया में 1,324 और मझौलिया में 1,289 घर अब तक नहीं बन सके हैं.
मनरेगा और ई-केवाईसी में भी बरती जा रही सुस्ती
प्रशासनिक पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आवास निर्माण को मनरेगा मजदूरी से जोड़ने के निर्देश के बावजूद मास्टर रोल का निर्माण नहीं किया जा रहा है. तकनीकी सहायकों और रोजगार सेवकों के स्तर पर भी लापरवाही देखी गई है. इसके अतिरिक्त, लाभुकों के ई-केवाईसी लंबित होने और उनकी समस्याओं का समाधान न होने पर भी अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है.
तीन दिन में मांगा जवाब, वरना होगी कार्रवाई
डीडीसी ने चेतावनी दी है कि राज्य स्तरीय समीक्षा में जिले की खराब प्रगति से प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपना जवाब समर्पित करें. यदि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में सुधार नहीं दिखा, तो दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरना तय है.
बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
