Bettiah News: चंपारण में जेठ की तपती गर्मी और लू के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली है कि सावन का अहसास होने लगा है. पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने पूरे क्षेत्र के जनजीवन को प्रभावित किया है. जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी के लिए यह बारिश कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आई है.
गन्ना की फसल के लिए बारिश बनी वरदान
स्थानीय किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश गन्ना की फसल के मामले में संजीवनी बनकर आई है. गन्ने की फसल को इस समय नमी की सख्त जरूरत थी. पर्याप्त बारिश के कारण मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जिससे गन्ने की लंबाई और मोटाई में तेजी से वृद्धि होगी. गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि अगर मौसम ऐसा ही रहा तो इस बार पैदावार काफी अच्छी होने की उम्मीद है.
मक्का की फसल को भारी नुकसान की आशंका
गन्ना किसानों के उलट मक्का उत्पादक किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं. तेज हवा के साथ हो रही बारिश के कारण मक्का के पौधे खेतों में गिर गए हैं. कई इलाकों में खेतों में पानी जमा होने से मक्का के पौधों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है. किसानों का कहना है कि अगर जलजमाव बना रहा तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी और उत्पादन में भारी गिरावट आएगी.
अभी और होगी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से मौसम में यह बड़ा बदलाव आया है. रविवार सुबह से हो रही बूंदाबांदी नेठंडक और बढ़ा दी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
