बेतिया से गणेश वर्मा की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले का प्रतिष्ठित एमजेके कॉलेज इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में है. कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार दो दिनों में दो ऐसे आदेश जारी किए गए, जिस पर भारी हंगामा हुआ. छात्रों और छात्र संगठनों के कड़े विरोध के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और दोनों ही आदेश वापस लेने पड़े. इस घटनाक्रम ने कॉलेज प्रबंधन की काफी किरकिरी कराई है.
छात्र नेताओं को ‘दलाल’ बताने पर मचा बवाल
विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई, जब कॉलेज परिसर में जगह-जगह एक नोटिस चस्पा किया गया. इसमें लिखा था कि कॉलेज में कोई छात्र नेता नहीं है और जो छात्र-छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, वे ‘दलाल’ हैं. इस अपमानजनक भाषा को सुनकर छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा. दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नवल किशोर बैठा ने पुलिस के हस्तक्षेप पर नोटिस हटाने का निर्णय लिया.
वीडियो बनाने पर रोक का ‘तुगलकी’ फरमान भी फेल
अभी पहला विवाद थमा ही था कि मंगलवार को प्रशासन ने एक और नया नोटिस जारी कर दिया. इस बार कॉलेज परिसर में वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. छात्र नेताओं ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए आरोप लगाया कि कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया है. छात्रों के भारी विरोध और नारेबाजी के बाद प्रशासन ने इस आदेश को भी तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया.
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
दो दिनों में दो बार बैकफुट पर आने के बाद कॉलेज प्रशासन की काफी आलोचना हो रही है. छात्र संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार को दबाने या छात्रों की आवाज कुचलने की कोशिश की गई, तो आंदोलन और उग्र होगा. फिलहाल, कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और छात्र संगठनों ने प्रशासन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने का ऐलान किया है.
