Bettiah News: एक तरफ सरकार स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. वहीं दूसरी तरफ सिकटा प्रखंड मुख्यालय के बाजार में यह अभियान पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. आलम यह है कि सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, जिससे लोग बीमारियों की चपेट में आने को मजबूर हैं.
बाजार की हृदयस्थली में डंप किया जा रहा कचरा
सिकटा बाजार की हृदयस्थली कहे जाने वाले शिव मंदिर रोड स्थित दुदानी मिल के पास पूरे बाजार का कचरा फेंका जा रहा है. रिहाइशी इलाका और मुख्य रास्ता होने के बावजूद यहाँ कचरे का अंबार लगा हुआ है. बारिश शुरू होने के साथ ही कचरे से उठने वाली बदबूदार सड़ांध ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. गंदगी के कारण यहाँ आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है.
महामारी की आशंका, शिकायत के बाद भी अफसर मौन
कचरे के इस डंपिंग यार्ड से इलाके में महामारी फैलने की आशंका प्रबल हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नाक पर रुमाल रखकर यहाँ से गुजरने को मजबूर हैं. इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
शीघ्र समाधान का मिला आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखिया प्रतिनिधि राजन चौरसिया ने कहा कि समस्या वाकई गंभीर है और इसे संज्ञान में लिया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही कचरे का उठाव कराकर इस समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. फिलहाल, ग्रामीण प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उन्हें इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिलेगी.
बेतिया से अमर कुमार की रिपोर्ट
