पश्चिम चंपारण में पहली बार दुर्लभ बीमारी की सफल सर्जरी, 4 साल के मासूम को मिली नई जिंदगी

पश्चिम चंपारण के मिर्जा टोला रोड स्थित जिस्ट हेल्थ केयर अस्पताल में 4 साल के मासूम की दुर्लभ जन्मजात बीमारी स्प्रेंगल्स डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन किया गया है. जिले में इस तरह की सर्जरी पहली बार हुई है.

West Champaran Health News: पश्चिम चंपारण के लिए चिकित्सा क्षेत्र से राहत देने वाली खबर सामने आई है. बेतिया के मिर्जा टोला रोड स्थित जिस्ट हेल्थ केयर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में चार वर्षीय मासूम की दुर्लभ जन्मजात बीमारी स्प्रेंगल्स डिफॉर्मिटी (Sprengel's Deformity) का सफल ऑपरेशन किया गया है. चिकित्सकों के अनुसार जिले में इस तरह की सर्जरी पहली बार सफलतापूर्वक की गई है.

मरीज की पहचान सिकटा थाना क्षेत्र के बेहरा लटियाई गांव निवासी ओम प्रकाश के चार वर्षीय पुत्र नीरज कुमार के रूप में हुई है. सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ है और तेजी से रिकवरी कर रहा है.

आखिर स्प्रेंगल्स डिफॉर्मिटी क्या है?

ऑपरेशन का नेतृत्व नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद अहसन फिरोज ने किया. उन्होंने बताया कि स्प्रेंगल्स डिफॉर्मिटी एक बेहद दुर्लभ जन्मजात बीमारी है, जो लगभग एक लाख जीवित बच्चों में केवल तीन को होती है.

इस बीमारी में जन्म से ही कंधे की हड्डी सामान्य स्थिति से ऊपर फंसी रहती है. इसके कारण कंधा और पीठ का हिस्सा असामान्य दिखाई देता है. समय पर इलाज नहीं होने पर हाथ की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं.

ऑपरेशन कैसे किया गया?

डॉ. फिरोज ने बताया कि सर्जरी के दौरान कंधे की हड्डी और उससे जुड़ी मांसपेशियों को सावधानीपूर्वक उनके सही स्थान पर पुनर्स्थापित किया गया. पूरी प्रक्रिया सफल रही और ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य है.

अब बड़े शहरों पर नहीं रहेगी निर्भरता

डॉ. मोहम्मद अहसन फिरोज ने कहा कि अब पश्चिम चंपारण के मरीजों को इस तरह की जटिल बीमारी के इलाज के लिए पटना, गोरखपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

जिले में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को समय, खर्च और परेशानी तीनों से राहत मिलेगी.

विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस जटिल सर्जरी में एनेस्थीसिया एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जेबा तरन्नुम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. स्वास्थ्यकर्मी रंजीत आर्यन, विजय प्रताप सिंह सहित अन्य सहयोगियों ने भी ऑपरेशन को सफल बनाने में योगदान दिया.

अस्पताल में मिल रही हैं आधुनिक ऑर्थोपेडिक सेवाएं

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां बच्चों की जन्मजात हड्डी संबंधी विकृतियों (पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स) के इलाज के साथ-साथ जटिल फ्रैक्चर, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट और अन्य जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी भी नियमित रूप से की जा रही हैं.

इस सफल सर्जरी को पश्चिम चंपारण के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. इससे भविष्य में जिले के मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ी है.


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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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