Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में पहल की गई है. जिले के 30 चयनित मत्स्य किसानों का दल छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पटना के मिथापुर स्थित मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना हुआ. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन और व्यवसाय से आय बढ़ाने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी.
27 जुलाई से 1 अगस्त तक चलेगा प्रशिक्षण
जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. नूतन ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है. इसमें जिले के चयनित मत्स्य किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन से जुड़ी नई तकनीकों से अवगत कराया जाएगा.
आधुनिक मत्स्य पालन की मिलेगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ किसानों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण, वैज्ञानिक मत्स्य पालन और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी देंगे. साथ ही मत्स्य व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाने के उपायों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा.
वैज्ञानिक तकनीक अपनाने पर रहेगा जोर
डॉ. नूतन ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी.
दूसरे किसानों को भी करेंगे प्रेरित
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये किसान अपने-अपने क्षेत्रों में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाएंगे और अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे. इससे जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा.
