Bettiah News: जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों के बीच चल रहे विरोध और हंगामे पर अब सवाल उठने लगे हैं. सरकार द्वारा प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को 25 हजार रुपये तक का अतिरिक्त पारिश्रमिक दिए जाने के बावजूद ओवरटाइम ड्यूटी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.
प्रतिदिन औसतन 5 घरों का ही करना है सर्वे
जानकारी के अनुसार, 2 मई से 31 मई तक चलने वाले जनगणना कार्य में एक प्रगणक को औसतन 125 से 150 घरों का सर्वे करना है. इस हिसाब से प्रतिदिन लगभग 5 घरों का ही डेटा जुटाना होता है. इसके बावजूद कुछ शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा छह घंटे की ड्यूटी से छूट की मांग को लेकर विरोध किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, यू-डायस पोर्टल पर “स्कूल इन” के बजाय “मार्क ऑन ड्यूटी” विकल्प के जरिए उपस्थिति दर्ज करने को लेकर भी विवाद बढ़ा है. कुछ जिलों में इस तरह के आदेश का हवाला दिया जा
महिला शिक्षकों की दूर तैनाती पर उठी चिंतारहा है.
वहीं, महिला प्रगणकों की दूर-दराज क्षेत्रों में तैनाती को लेकर भी असंतोष है. कई शिक्षकों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए कार्य क्षेत्र में सुधार की मांग जिलाधिकारी से की है.
हाफ डे स्कूल और हाफ डे ड्यूटी पर नाराजगी
इधर जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि कई विद्यालयों के लगभग सभी शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगा दिए जाने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए आधा दिन शिक्षण और आधा दिन जनगणना कार्य का आदेश निदेशालय स्तर से जारी किया गया है. इसमें किसी भी बदलाव का निर्णय उच्च स्तर पर ही संभव है.
बेतिया से रवि ‘रंक’ की रिपोर्ट
