BPSC 70वीं परीक्षा में बेतिया की काजल राज बनीं डीएसपी, महादलित परिवार का बढ़ाया मान

Bettiah BPSC Success Story: बेतिया के महादलित परिवार की बेटी काजल राज ने BPSC 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर DSP पद पर चयन प्राप्त किया है. उनकी दो छोटी बहनें भी BPSC मुख्य परीक्षा दे चुकी हैं. काजल की उपलब्धि से पूरा परिवार और जिला गौरवान्वित है. जानिए खबर विस्तार से...

बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट

Bettiah BPSC Success Story: पश्चिम चंपारण के बेतिया नगर स्थित पिउनी बाग की रहने वाली काजल राज ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर जिले और अपने महादलित परिवार का मान बढ़ाया है. उनकी सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.

साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि

काजल राज कलेक्ट्रेट के नीलाम पत्र वाद शाखा में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मचारी प्रेम कुमार रजक और गृहिणी सुहासिनी देवी की बड़ी पुत्री हैं. परिवार की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है.

स्कूल से एमटेक तक का सफर

काजल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेतिया के नोट्रेडेम पब्लिक स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने पटना के विद्या निकेतन से आईएससी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने एमआईटी मुजफ्फरपुर से इंजीनियरिंग स्नातक और एनआईटी अगरतला से एमटेक की डिग्री हासिल की.

पहले भी मिली थी प्रशासनिक सेवा में सफलता

काजल राज ने 67वीं BPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर वर्ष 2023 में राजगीर में अवर निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में योगदान दिया था. अब DSP पद पर चयनित होकर उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत का एक और प्रमाण दिया है.

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दो छोटी बहनों के लिए बनीं प्रेरणा

काजल की सफलता से प्रेरित होकर उनकी दोनों छोटी बहनें कंचन राज और कोमल राज भी प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही हैं. दोनों 71वीं BPSC की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर मुख्य परीक्षा दे चुकी हैं. परिवार को उम्मीद है कि वे भी जल्द बड़ी सफलता हासिल करेंगी.

परिवार और जिले में खुशी का माहौल

काजल की उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है. पिता प्रेम कुमार रजक ने कहा कि उनकी बेटी की सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. काजल की सफलता आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

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Published by: Purushottam Kumar

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