बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
Bettiah BPSC Success Story: पश्चिम चंपारण के बेतिया नगर स्थित पिउनी बाग निवासी अभिनव कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 292वीं मेधा रैंक प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी सफलता
अभिनव कुमार स्थानीय प्रधान डाकघर के सेवानिवृत्त डाकपाल अनिल कुमार राव और गृहिणी उषा राव के इकलौते पुत्र हैं. चार संतानों वाले परिवार में अभिनव ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है. उनकी सफलता को लेकर परिजन और शुभचिंतक गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.
स्कूल से इंजीनियरिंग तक का सफर
अभिनव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेतिया के संत जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने बोकारो के अयप्पा पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. आगे चलकर उन्होंने बेंगलुरु से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विषय में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.
18 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़ी
इंजीनियरिंग के बाद अभिनव का चयन एक अमेरिकी कंपनी स्टेट स्ट्रीट में हुआ. वर्ष 2020 से 2022 तक उन्होंने वर्क फ्रॉम होम के तहत कंपनी में सेवाएं दीं. कोरोना काल समाप्त होने के बाद कंपनी द्वारा कार्यालय ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए, लेकिन अभिनव ने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना पूरा करने के लिए लगभग 18 लाख रुपये वार्षिक पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी.
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सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता
नौकरी छोड़ने के बाद अभिनव ने पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी के माध्यम से तैयारी जारी रखी. इससे पहले वह दो बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंचकर भी चयनित होने से चूक गए थे.
डीएसपी बनना मंजिल नहीं, UPSC अभी भी लक्ष्य
अभिनव कुमार ने कहा कि डीएसपी पद पर चयन उनके लिए बड़ी उपलब्धि जरूर है, लेकिन यह उनकी अंतिम मंजिल नहीं है. उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होना है और वह आगे भी UPSC की तैयारी जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
अभिनव की सफलता ने जिले के युवाओं को नई प्रेरणा दी है. ग्रामीणों और शुभचिंतकों का कहना है कि उन्होंने साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति बड़ी सफलता हासिल कर सकता है.
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