बेतिया GMCH: नशामुक्त भारत अभियान के तहत सरकार और ब्रह्माकुमारी संगठन के बीच हुए एमओयू के अंतर्गत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में विशेष आध्यात्मिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुधा भारती, सुपरिटेंडेंट डॉ. अनिल कुमार, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं शामिल हुए. कार्यक्रम के माध्यम से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया.
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ वरीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रानी, ब्रह्माकुमारी कंचन, ब्रह्माकुमारी अंजना, ब्रह्मकुमार भास्कर, डॉ. सुधा भारती, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. राजेश और डॉ. अजय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. दीप प्रज्वलन के माध्यम से नशे और अज्ञानता के अंधकार से निकलकर जागरूकता, सकारात्मकता और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया.
आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच पर जोर
वरीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रानी ने कहा कि मनुष्य केवल शरीर नहीं, बल्कि चेतन आत्मा है. उन्होंने आत्म-जागरूकता, अनुशासन, सकारात्मक चिंतन और श्रेष्ठ संगति को नकारात्मक आदतों से दूर रहने में महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने प्रतिभागियों को जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया.
मेडिटेशन से मन को शांत रखने की जानकारी
ब्रह्मकुमार भास्कर ने नशे के दुष्प्रभाव और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है. ब्रह्माकुमारी कंचन ने मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत और एकाग्र रखने की जानकारी दी. उन्होंने नियमित ध्यान को मानसिक रूप से मजबूत रहने का एक माध्यम बताया.
रक्षासूत्र बांधकर लिया नशामुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व को बताया गया. इसके बाद ब्रह्माकुमारी बहनों ने चिकित्सकों, मेडिकल छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को रक्षासूत्र बांधा. इस दौरान सभी ने नशामुक्त जीवन जीने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.
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