उमस भरी गर्मी से बेतिया में बिजली की रिकॉर्ड खपत, पहली बार 100 मेगावॉट का आंकड़ा पार

बेतिया में उमस भरी गर्मी ने बिजली की मांग का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है. जिला मुख्यालय स्थित पावर ग्रिड पर बिजली की अधिकतम मांग 102 मेगावॉट दर्ज की गई. यह पहली बार है जब इस ग्रिड पर बिजली की खपत 100 मेगावॉट के आंकड़े को पार कर गई है.

Bettiah News: बेतिया में उमस भरी गर्मी ने बिजली खपत का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है. सोमवार 27 जुलाई को जिला मुख्यालय स्थित बारी टोला पावर ग्रिड पर बिजली की अधिकतम मांग 102 मेगावॉट दर्ज की गई. यह पहली बार है जब इस ग्रिड पर बिजली की खपत 100 मेगावॉट के आंकड़े को पार कर गई है.

बिजली विभाग का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी बिजली की मांग कम नहीं हो रही है.

पहली बार बना 102 मेगावॉट का रिकॉर्ड

ग्रिड डिवीजन के सहायक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि बारी टोला पावर ग्रिड की स्थापना के बाद से अब तक बिजली की खपत कभी भी 100 मेगावॉट से ऊपर नहीं पहुंची थी.

इस बार 102 मेगावॉट का लोड दर्ज होना जिले में बढ़ती बिजली मांग का नया रिकॉर्ड है.

पिछले साल से काफी अधिक बढ़ी मांग

नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष जुलाई के अंतिम सप्ताह में भीषण गर्मी के बावजूद अधिकतम बिजली खपत 85 से 91 मेगावॉट के बीच रही थी.

वहीं इस वर्ष जुलाई में ही मांग बढ़कर सीधे 102 मेगावॉट तक पहुंच गई है. इससे स्पष्ट है कि घरों में एसी, कूलर और पंखों का उपयोग लगातार बढ़ा है.

रात में भी कम नहीं हो रहा लोड

सहायक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि उमस अधिक होने के कारण रात के समय भी बिजली की मांग सामान्य नहीं हो पा रही है. इससे ग्रिड पर लगातार दबाव बना हुआ है.

उन्होंने लोगों से अपील की कि पीक आवर में अनावश्यक विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें, ताकि ग्रिड पर अतिरिक्त भार कम हो और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से बचा जा सके.

अगस्त से पहले ही टूटा रिकॉर्ड

आमतौर पर पश्चिम चंपारण में बिजली की सबसे अधिक खपत अगस्त महीने में दर्ज होती है. इससे पहले भी अधिकतम मांग 96 से 97 मेगावॉट तक ही पहुंची थी.

लेकिन इस बार जुलाई में ही 102 मेगावॉट का रिकॉर्ड बन गया है. इससे साफ है कि इस वर्ष उमस और गर्मी का असर बिजली की मांग पर पहले से कहीं अधिक पड़ा है.


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लेखक के बारे में

By रवि 'रंक'

90 के दशक में विद्यार्थी जीवन से ही रवि 'रंक' के आलेख, निबंध, संस्मरण और कविताएं क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं के लिए लिखते रहे हैं. हिंदी विषय में स्नातकोत्तर योग्यताधारी रवि 'रंक' ने दैनिक हिंदुस्तान के पटना से प्रकाशित उत्तर बिहार संस्करण के साथ जनवरी 2001 से अपनी पत्रकारिता शुरु की. फरवरी 2020 में हिंदुस्तान से अलग होकर प्रभात खबर के पश्चिम चंपारण संस्करण में बतौर जिला मुख्यालय संवाददाता के रूप में पदस्थापित हैं.

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