Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के निबंधन कार्यालयों में लागू की गई नई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर दस्तावेज नवीसों एवं स्टाम्प विक्रेताओं में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. मध निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा जारी अनुग्यप्ति के एक प्रावधान का विरोध करते हुए दस्तावेज नवीसों ने कामकाज बंद कर दिया है. इसके चलते बेतिया और चनपटिया निबंधन कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू होने के बाद से निबंधन कार्य प्रभावित हो गया है.
3 अगस्त से लागू हुई नई व्यवस्था
जानकारी के अनुसार 3 अगस्त से बेतिया और चनपटिया निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू कर दी गई है. नई व्यवस्था शुरू होने के बाद अब तक एक भी नया दस्तावेज दाखिल नहीं हो सका है. फिलहाल पहले से लंबित दस्तावेजों का ही निस्तारण किया जा रहा है, जिससे दोनों कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है.
दस्तावेज नवीसों ने जताई आपत्ति
दस्तावेज नवीसों का कहना है कि नई व्यवस्था में अनुग्यप्ति के बिंदु संख्या-4 का प्रावधान उनके पेशे और हितों के प्रतिकूल है. इसी कारण उन्होंने फिलहाल कामकाज बंद कर दिया है. हालांकि इसे अभी औपचारिक आंदोलन का रूप नहीं दिया गया है.
जिले में सेवा प्रदाताओं को मिली है अनुग्यप्ति
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में सेवा प्रदाता के रूप में बेतिया में 50, शिकारपुर में 36, चनपटिया में 25, बगहा में 30 तथा लौरिया में 24 लोगों को अनुग्यप्ति प्रदान की गई है. विभाग का कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना है.
जिला अवर निबंधक ने सहयोग की अपील की
जिला अवर निबंधक गिरीशचंद्र ने बताया कि दस्तावेज नवीसों के बीच फिलहाल भ्रम की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपरलेस व्यवस्था से किसी भी दस्तावेज नवीस या स्टाम्प विक्रेता को आर्थिक अथवा पेशागत नुकसान नहीं होगा. उन्होंने सभी संबंधित लोगों से नई व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की. साथ ही बताया कि आने वाले दिनों में जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस व्यवस्था पूरी तरह लागू की जाएगी.
यह भी पढ़ें: अब RAC टिकट पर भी नहीं होगी परेशानी, रेलवे ने बदल दिए नियम
