बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha News: बगहा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था. पुलिस ने आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग दस्तावेज समेत कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं. मामले में साइबर थाना बगहा में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ और रामपुर गांव में संगठित रूप से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ.
फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपित DSJ Exchange, BG Wealth Sharing समेत कई फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे. इसके लिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर अलग-अलग ग्रुप बनाकर बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा जाता था.
ग्रुप में निवेश से जुड़े आकर्षक संदेश, फर्जी सफलता की कहानियां और अधिक मुनाफे के दावे किए जाते थे. लोगों को विभिन्न मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर कम समय में कई गुना लाभ का भरोसा दिलाया जाता था.
पहले दिखाते थे मुनाफा, फिर कराते थे बड़ा निवेश
पुलिस के अनुसार शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता जाता था. इसके बाद उनसे अधिक राशि निवेश कराई जाती थी और उनके परिचितों को भी जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था.
यूएसडीटी में निवेश का झांसा
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह यूपीआई के माध्यम से रुपये प्राप्त कर लोगों को यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराने का झांसा देता था. निवेशकों को बताया जाता था कि उनकी राशि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर लगाई जा रही है, जहां से भारी मुनाफा मिलेगा.
विश्वास बनने के बाद आरोपित लगातार अधिक रकम निवेश करने का दबाव बनाते थे. नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए नए सदस्य जोड़ने पर बोनस और अतिरिक्त कमीशन देने का लालच भी दिया जाता था.
ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर भी वसूली
पुलिस के अनुसार गिरोह फर्जी ट्रेडिंग के अलावा ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिंक साझा कर भी लोगों से धन जमा कराता था. गेमिंग के नाम पर अधिक कमाई का झांसा देकर निवेश कराया जाता था.
प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क से 500 से 600 लोगों के जुड़े होने की जानकारी मिली है. पुलिस को आशंका है कि ठगी का दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है. बरामद डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
गिरफ्तार पांचों आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है. साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कराया जा रहा है.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
एसपी रामानंद कुमार कौशल ने लोगों से ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच-पड़ताल करें. अधिक मुनाफे के लालच में किसी अनजान प्लेटफॉर्म, लिंक या व्यक्ति को पैसे न भेजें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें. प्रेस वार्ता में रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे.
