Bagaha News: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) इन दिनों सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है. वीटीआर में भ्रमण पर आए उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पर्यटकों के एक दल को जंगल सफारी के दौरान दुर्लभ एक सींग वाले गैंडे का दीदार हुआ. घने जंगलों के बीच खुले वन क्षेत्र में विचरण करते विशालकाय गैंडे को बेहद करीब से देखकर पर्यटक खुशी से झूम उठे और रोमांचित हो गए. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार गैंडा आमतौर पर आक्रामक प्रवृत्ति का माना जाता है, ऐसे में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित दर्शन होना पर्यटकों के लिए एक यादगार और कड़क अनुभव बन गया.
प्राकृतिक परिवेश में दिखे भालू, तेंदुआ और मोर
देवरिया से आए मुख्य पर्यटक आसिफ राशिद ने वीटीआर के जंगलों से लौटने के बाद अपना कड़क अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि जंगल सफारी के दौरान उनका भाग्य बहुत अच्छा था, जिसके कारण उन्हें गैंडे के अलावा घने जंगलों में भालू, हिरणों का झुंड, तेंदुआ और राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई अन्य वन्यजीवों को उनके मूल प्राकृतिक परिवेश में देखने का शानदार अवसर मिला. आसिफ ने कहा कि पिंजरे के बजाय खुले आसमान और जंगल के बीच खूंखार और दुर्लभ वन्यजीवों को देखना अत्यंत रोमांचकारी था; सफारी के दौरान गाड़ी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी, हर पल एक नया रोमांच महसूस हो रहा था, जिसने इस यात्रा को उनके जीवन की सबसे अविस्मरणीय यात्रा बना दिया है.
गंडक बराज की वादियों ने मोहा मन
पर्यटकों के दल ने बताया कि वे पहली बार वाल्मीकिनगर के इस विख्यात टाइगर रिजर्व में आए हैं. यहाँ की असीम प्राकृतिक सुंदरता, चारों तरफ फैली मखमली हरियाली और जंगलों के शांत वातावरण ने उनका मन पूरी तरह से मोह लिया है. घने जंगलों और वन्यजीवों की अनूठी विविधता को कैमरे में कैद करने के बाद सैलानियों ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध गंडक बराज समेत क्षेत्र के अन्य प्रमुख पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों का भी दीदार किया. पर्यटकों ने कहा कि यहाँ का स्वच्छ वातावरण और शुद्ध हवा महानगरों की भागदौड़ और प्रदूषण भरी जिंदगी से दूर दिल को असीम सुकून का एहसास कराती है; मौका मिलने पर वे दोबारा वाल्मीकिनगर आकर इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद जरूर लेना चाहेंगे.
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
वीटीआर के जंगलों में वन्यजीवों की बढ़ती चहलकदमी और पर्यटकों के बढ़ते कदम पर वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के रेंजर सत्यम कुमार ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि वन विभाग की पहली प्राथमिकता यहाँ आने वाले हर एक पर्यटक को पूरी संतुष्टि, सुरक्षा और बेहतर गाइड सुविधाएं उपलब्ध कराना है. रेंजर ने कहा कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित जंगल सफारी के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में अब बाघों के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों की समृद्ध मौजूदगी और यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर कड़ाई से आकर्षित कर रहा है, जो स्थानीय रोजगार के लिए भी एक शुभ संकेत है.
बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
