बेतिया के बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha News: खरीफ की बुवाई और गन्ने की फसल के अहम समय पर बगहा अनुमंडल के किसान यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. धान का बिचड़ा गिराने और गन्ने में खाद के छिड़काव के इस महत्वपूर्ण सीजन में यूरिया की घोर किल्लत से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं. इस गंभीर समस्या को लेकर शनिवार को ईख कास्तकार संघ (बिहार) ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है.
संघ के प्रदेश सचिव राम कुमार उर्फ छोटे श्रीवास्तव के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने बगहा की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) चांदनी कुमारी को एक ज्ञापन सौंपा है और तत्काल यूरिया उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.
गन्ने की फसल पर मंडरा रहा बर्बादी का खतरा
किसानों ने प्रशासन को बताया कि बगहा क्षेत्र मुख्य रूप से गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है. वर्तमान में गन्ने की फसल को यूरिया की सबसे अधिक दरकार है, लेकिन जिला कृषि कार्यालय द्वारा खाद का आवंटन ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है.
- खुदरा बिक्री पर भी पाबंदी: किसानों का आरोप है कि खुदरा विक्रेताओं को भी सीमित मात्रा में खाद बेचने का निर्देश दिया गया है, जिस कारण किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से यूरिया नहीं मिल पा रहा है.
- आर्थिक नुकसान का डर: अगर समय पर खेतों में यूरिया का छिड़काव नहीं हुआ, तो गन्ने के उत्पादन पर बेहद बुरा असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा.
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ईख कास्तकार संघ ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यूरिया संकट का समाधान नहीं निकाला गया, तो किसान सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. किसानों ने मांग की है कि खेती का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए तुरंत पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
एसडीएम का आश्वासन: जल्द होगी समीक्षा बैठक
किसानों की फरियाद सुनने और ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम चांदनी कुमारी ने उन्हें उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ जल्द ही एक अहम बैठक कर यूरिया के आवंटन की पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख किसान: इस मौके पर राम कुमार के साथ किसान बिहारी प्रसाद, संतोष कुमार सिंह, अवधेश यादव, सोहन कुमार, मुन्ना खां, मुन्ना यादव, मदन चौधरी, लालबाबू यादव, जनार्दन गुप्ता, राजेंद्र पाल, सगीर अहमद, कृष्ण मोहन प्रसाद, सूरजभान यादव, अमित कुमार, अमित चौधरी, राजेश कुमार चौधरी और संजय कुमार सिंह समेत कई अन्य किसान मौजूद रहे.
