बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha News: पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित गंडक नदी में प्रकृति का एक बेहद भावुक और दुर्लभ नजारा देखने को मिला है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) क्षेत्र में एक मादा घड़ियाल अपने नन्हे बच्चे को थूथन पर बैठाकर नदी में तैरती नजर आई. वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम ने इस खास पल को कैमरे में कैद किया, जिसकी तस्वीर अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ दृश्य
तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि मादा घड़ियाल अपने बच्चे को सुरक्षित रखते हुए नदी में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा रही है. नन्हा घड़ियाल पूरी तरह निश्चिंत होकर मां के थूथन पर बैठा नजर आ रहा है. वन्यजीव विशेषज्ञ इसे घड़ियालों के मातृत्व व्यवहार का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं.
नन्हे घड़ियालों के सामने कई खतरे
जानकारों के अनुसार, घड़ियाल एक संकटग्रस्त जलीय जीव है. मादा घड़ियाल एक बार में 30 से 40 अंडे देती है, लेकिन बहुत कम बच्चे बड़े होकर वयस्क अवस्था तक पहुंच पाते हैं. नदी का तेज बहाव, बड़ी मछलियां और शिकारी पक्षी उनके लिए लगातार खतरा बने रहते हैं. ऐसे में मादा घड़ियाल अपने बच्चों को पीठ, सिर या थूथन पर बैठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाती है.
संरक्षण अभियान का सकारात्मक असर
वीटीआर के क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि यह दृश्य घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रमों की सफलता का संकेत है. वर्षों की निगरानी और संरक्षण प्रयासों के कारण गंडक नदी का वातावरण घड़ियालों के लिए अनुकूल बना हुआ है. उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में घड़ियाल दिखने पर उनसे दूरी बनाए रखें और नायलॉन के जाल का उपयोग न करें, क्योंकि इससे नन्हे घड़ियालों को नुकसान पहुंच सकता है.
