Bagaha News: मधुबनी प्रखंड की चिऊरही पंचायत में मंगलवार को गंडक नदी के तेज कटाव की चपेट में आने से एक उर्दू विद्यालय नदी में विलीन हो गया. विद्यालय के नदी में समा जाने से बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. वहीं कटाव के कारण कई परिवारों के आशियाने भी खतरे में आ गए हैं. ग्रामीण जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
गंडक नदी में समा गया उर्दू विद्यालय
तेज बहाव के कारण गंडक नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है. इसी कटाव की चपेट में चिऊरही पंचायत का उर्दू विद्यालय भी आ गया और मंगलवार को विद्यालय का भवन नदी में समा गया. विद्यालय के नष्ट होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है.
100 घरों पर मंडरा रहा कटाव का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के एक टोले में करीब 100 घर कटाव की जद में हैं. नदी का पानी और तेज कटाव देखकर लोगों में दहशत का माहौल है. कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं.
ग्रामीणों ने खुद खोली झोपड़ियां
स्थानीय बीडीसी एवं उप प्रमुख प्रतिनिधि भृगुण गद्दी ने बताया कि कई परिवार अपने उजड़ते आशियानों को छोड़ने को मजबूर हैं. कुछ ग्रामीण अपनी झोपड़ियों को खोलकर दूसरे सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं, ताकि घर का सामान और उपयोगी सामग्री बचाई जा सके.
प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर जाने का दिया निर्देश
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए मधुबनी अंचलाधिकारी नंदलाल राम मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है.
कटावरोधी कार्य तेज कराने की मांग
समाजसेवी सुनील यादव एवं प्रदीप ठाकुर ने बताया कि कटाव रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन गंडक नदी के तेज बहाव के कारण अभी तक प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य तेज कराने और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था करने की मांग की है.
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