Bagaha Medical Store Strike: बगहा अनुमंडल में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री नीति के खिलाफ खुदरा और थोक दवा दुकानदारों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर हुई इस बंदी का बगहा के सभी प्रखंडों में व्यापक असर देखने को मिला. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में व्यवसायियों ने अपनी एकजुटता दिखाई, हालांकि मरीजों की आपात स्थिति को देखते हुए अनुमंडल में आठ दवा दुकानों को खुला रखा गया था.
यदि आप या आपका कोई परिचित आज दवा खरीदने जा रहा है, तो इस हड़ताल और खुली हुई दुकानों की पूरी जानकारी नीचे देख सकते हैं:
1. क्यों हुई यह देशव्यापी हड़ताल?
बगहा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश भालोटिया (बंटी) और सचिव अमित कुमार (सिप्पू) ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए है. दवा व्यवसायियों की मुख्य आपत्तियां इस प्रकार हैं:
- अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री: बिना वैध ड्रग लाइसेंस और डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी पर तुरंत रोक लगनी चाहिए.
- भारी छूट का विरोध: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही भारी छूट के कारण पारंपरिक और छोटे लाइसेंसधारी केमिस्टों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है.
- कठोर नियामक व्यवस्था की मांग: ऑनलाइन दवा बिक्री की अनुमति देने से पहले सरकार को मरीजों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी नियम लागू करने चाहिए.
2. मरीजों की सुविधा के लिए खुली हैं ये 8 दुकानें
एसोसिएशन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो. अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में निम्नलिखित आठ दवा दुकानें आज भी खुली हुई हैं:
- बगहा-1: खुशी मेडिकल हॉल
- बगहा-2: अंबे मेडिकल हॉल
- हरनाटांड़ बाजार: शुभम मेडिकल हॉल
- वाल्मीकिनगर: देव मेडिकल हॉल
- सेमरा बाजार: कुमार मेडिकल हॉल
- भैरोगंज: नेशनल मेडिकल हॉल
- रामनगर: तिरुपति मेडिकल हॉल
- हरिनगर: संजय मेडिकल हॉल
सरकार को दी गई चेतावनी: दवा व्यवसायियों ने याद दिलाया कि कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 24 घंटे सेवाएं दी थीं. एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा.
