बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha News: बगहा एक अंचल अंतर्गत मझौवा गांव में बेतिया राज की जमीन से जुड़े अतिक्रमण मामले को लेकर जारी नोटिस के विरोध में शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंच गए. ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे वर्षों से इस जमीन पर बसे हुए हैं और अब अचानक नोटिस देकर उन्हें बेघर करने की कोशिश की जा रही है.
दूसरी बार भेजा गया नोटिस
जानकारी के अनुसार अंचल प्रशासन की ओर से मझौवा गांव के करीब 400 लोगों को दूसरी बार नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में बेतिया राज की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कही गई है.
नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा.
“पूर्वजों के समय से रह रहे हैं”
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वज कई दशकों से उक्त जमीन पर रह रहे हैं और उसी जमीन पर उनके मकान बने हुए हैं. अचानक जमीन खाली करने के आदेश से पूरे गांव में चिंता और आक्रोश का माहौल है.
ग्रामीण ध्रुव प्रसाद केशरी, सत्येंद्र प्रसाद केशरी, विनोद प्रसाद केशरी, आलोक जायसवाल, रतन यादव, पहलाद यादव, रामनाथ यादव, शैलेश केशरी, राधे साह, मुन्ना साह, तिवारी शर्मा, राजन साह और ध्रुप भेड़िहार समेत अन्य लोगों ने कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए नोटिस वापस लेने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की.
प्रशासन ने मांगे जमीन के कागजात
इधर नर्मदा श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय निर्देश के तहत बेतिया राज की जमीन पर काबिज लोगों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों से जमीन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया है. दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
गांव में बना हुआ है तनाव का माहौल
नोटिस के बाद मझौवा गांव में असमंजस और तनाव की स्थिति बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि बिना उचित सुनवाई के उन्हें हटाने की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं होगी.
