Bihar Flood Alert: गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए योगापट्टी के दियारा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अंचल प्रशासन ने राहत व्यवस्था शुरू की है. सिसवा मंगलपुर और खुटवनिया जरलपुर पंचायत के प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया. सरकार के निर्देश पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय डीही ढबेलवा और मध्य विद्यालय बरहरवा में बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गयी. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को रहने के साथ भोजन उपलब्ध कराया गया, ताकि बाढ़ की स्थिति में उन्हें परेशानी नहीं हो.
Yogapatti News: स्कूलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए बना खाना
उत्क्रमित मध्य विद्यालय डीही ढबेलवा में करीब 70 लोगों के लिए भोजन तैयार कराया गया. वहीं मध्य विद्यालय बरहरवा में बुधवार की देर शाम से गुरुवार की सुबह तक बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए दाल, चावल और सब्जी बनायी गयी.
हल्का कर्मचारी राजेश कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को करीब 450 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गयी. इनमें करीब 350 लोगों ने गुरुवार की सुबह भोजन किया.
सुरक्षित स्थान पर रखे गए बाढ़ प्रभावित परिवार
गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए सिसवा मंगलपुर और खुटवनिया जरलपुर पंचायत के प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रशासन की ओर से स्कूलों को अस्थायी राहत स्थल के रूप में इस्तेमाल किया गया.
यहां लोगों के रहने के साथ भोजन की व्यवस्था भी की गयी, ताकि बाढ़ के दौरान परिवारों को खाने-पीने की समस्या नहीं हो.
जलस्तर नहीं बढ़ा तो कुछ परिवार लौटे घर
गुरुवार को गंडक नदी के जलस्तर में आगे बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कई बाढ़ प्रभावित परिवार दोपहर बाद अपने घरों की ओर वापस लौट गए. हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को फिर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है.
प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और नदी के जलस्तर में बदलाव होने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गयी है.
प्रशासन ने कहा, जरूरत के अनुसार जारी रहेगी राहत
अंचलाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार बाढ़ प्रभावित परिवारों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है. उनके रहने के साथ भोजन की भी व्यवस्था की गयी, ताकि बाढ़ के दौरान किसी परिवार को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आवश्यकता के अनुसार राहत और भोजन की व्यवस्था आगे भी की जाएगी.
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