पेज05 : बिना कानूनी प्रकिया के बदल गये चनपटिया के आधा दर्जन मार्गों व मोहल्लों के नाम पर भड़की युवाओं की टोली

नगर में बिना किसी विभागीय प्रक्रिया को पूरा किए नगर के आधा दर्जन से अधिक मार्गों व मोहल्लों का नाम बदल दिया गया है.

— युवाओं ने इस मनमानी की शिकायत डीएम से लेकर नगर आवास व विकास विभाग पटना तक की –युवाओं की टोली ने बताया इसे राजनीति से प्रेरित, अविलंब इस तरह की मनमानी को नहीं रोकने पर दी सड़क पर उतरने की चेतावनी –विशेष शाखा पटना के एसपी ने प्रशासन को पत्र लिखकर जतायी विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की आशंका चनपटिया . नगर में बिना किसी विभागीय प्रक्रिया को पूरा किए नगर के आधा दर्जन से अधिक मार्गों व मोहल्लों का नाम बदल दिया गया है. नपं के कुल 15 वार्डों में औसतन 6 से 7 नए साइन बोर्ड लगाए गए हैं. कई बोर्ड थोक वोट की राजनीति में अपने-अपने लोगों को खुश करने की नीयत से लगाए गए हैं. इनमें से कई साइन बोर्डों पर मार्ग या गली-मोहल्लों के बदले हुए नाम या नए नाम देखकर स्थानीय युवाओं की टोली भड़क गयी है. युवाओं ने इस मनमानी की शिकायत डीएम से लेकर नगर आवास व विकास विभाग पटना तक की है. उन्होंने प्रशासन को चेताया है कि यदि अविलम्ब इस मनमानी को रोकते हुए नपं प्रशासन ने नाम सुधार नहीं किया तो नगरवासी सड़क पर उतरेंगे. दूसरी ओर हालात को देख विशेष शाखा पटना के पुलिस अधीक्षक (अ) ने भी डीएम बेतिया को पत्र प्रेषित कर बताया है कि नाम परिवर्तन से विधि व्यवस्था में समस्या उत्पन्न होने का अंदेशा है. मामले में नपं प्रशासन से लेकर अधिकांश वार्ड पार्षदों तक ने चुप्पी साध ली है. शिकायतकर्ता युवाओं में नगर के सुधांशु कुमार, चंदन कुमार, अंकित कुमार, सिद्धार्थ कुमार, हिमांशु कुमार, आयुष कुमार, नितेश कुमार, केशव कुमार आदि ने बताया कि नपं के श्याम सिनेमा रोड के नाम को बदलकर शिवजी प्रसाद मार्ग, वार्ड संख्या-13 में गुद्दर राउत चौक का नाम बदलकर देवान चौक कर दिया गया है. ऐसे ही वार्ड संख्या-7 में भी कई मार्गों के नाम को बदला गया है, जिसका बोर्ड फिलहाल नपं कार्यालय में ही रखा है. किसी भी पुराने नाम को बदलने के लिए ना तो सशक्त स्थायी समिति की मंजूरी ली गयी और ना हीं जनता के बीच आम सभा ही किया गया. दावा आपत्ति की कोई प्रक्रिया नगरवासियों के बीच नहीं चलायी गयी. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह सारी कवायद वोट की राजनीति में अपने-अपने लोगों को खुश करने के लिए की गई है. मनमाने तरीके से इतिहास व संस्कृति से छेड़छाड़ शहरवासियों को बर्दाश्त नहीं है. इस सम्बन्ध में नपं की मुख्य पार्षद रजनी देवी ने बताया कि नए नाम को लेकर जनता से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर उक्त मार्गों के नए नाम को बदलकर पुराने नामों को यथावत रखा जायेगा. नपं के इओ नहीं उठाते मोबाइल फोन नपं के इओ रमण कुमार के बारे में आरोप है कि वे चाहे किसी भी तरह की शिकायत करनी हो या समय लेना हो मोबाइल रिसीव ही नहीं करते हैं. आम लोगों के साथ, कई पार्षदों व मीडिया कर्मियों का भी आरोप है कि चाहे कोई कितना भी प्रयास कर ले वे फोन उठाते ही नहीं. जिससे किसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी देने या लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पत्रकारों का कहना है कि उनको किसी भी तरह की जानकारी लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. नगर प्रशासन का पक्ष लेने में भी दिक्कत होती है. कई नागरिकों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में किसी तरह की शिकायत करने के लिए निकाय में हेल्प डेस्क अथवा शिकायत डेस्क का निर्माण किया जाना है. लेकिन अब तक इसका गठन और मोबाइल फोन भी जारी नहीं किया गया है.

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Author: MADHUKAR MISHRA

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