West Champaran News: बेतिया. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत पश्चिम चंपारण जिले में चिन्हित क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट से ग्रसित 14 बच्चों को 20 सितंबर को एंबुलेंस से डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल भेजा गया. बच्चों को आवश्यक जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है. पात्र बच्चों को योजना के तहत निःशुल्क शल्य चिकित्सा और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है. इसी जांच के दौरान जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है. चिन्हित बच्चों को आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाता है.
जांच के दौरान चिन्हित हुए 14 बच्चे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट से ग्रसित बच्चों की पहचान की गयी. इसके बाद इन बच्चों को आवश्यक जांच और उपचार के लिए डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल भेजने की व्यवस्था की गयी.
बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि उन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थान तक ले जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो. अस्पताल में आवश्यक जांच के बाद आगे की उपचार प्रक्रिया सुनिश्चित की जायेगी.
क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट का मिलेगा निःशुल्क उपचार
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि पात्र बच्चों को क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट के लिए निःशुल्क शल्य चिकित्सा और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.
क्लेफ्ट लिप को सामान्य तौर पर कटे होंठ और क्लेफ्ट पैलेट को तालू में जन्मजात दरार के रूप में समझा जा सकता है. समय पर पहचान और उपचार मिलने से ऐसे बच्चों के स्वास्थ्य और सामान्य जीवन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है.
आंगनबाड़ी और स्कूलों में होती है स्वास्थ्य जांच
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में की जाती है. जांच के दौरान जन्मजात विकृतियों के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की भी पहचान करने का प्रयास किया जाता है.
चिन्हित बच्चों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाता है. इससे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है.
समय पर उपचार से बच्चों को मिलेगा लाभ
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध कराना है.
उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने से बच्चों को स्वस्थ और सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिन्हित बच्चों की आवश्यक जांच और उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है.